देश का पहला गोकुल ग्राम बनेगा गो-आधारित अर्थव्यवस्था का मॉडल, 2047 तक 10 हजार गिर गाय ब्लॉक में विस्तार का लक्ष्य
जयपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। गो-सेवा, गो-आधारित कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजस्थान के जयपुर जिले के बहराना बीचुन के 'रुद्र डेयरी फार्म' में देश का पहला गोकुल ग्राम मॉडल आकार ले रहा है।
राजस्थान शासन सचिवालय अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा ने इस फार्म का दौरा कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने रुद्र शिवम लाइव स्टॉक्स एसोसिएशन के निदेशक एवं सिद्धेश्वर वर्ल्ड फाउंडेशन तिरुपति के राष्ट्रीय संयोजक संजय शर्मा एवं देवरहा बाबा गो सेवा परिवार के राष्ट्रीय चेयरमैन एवं गो पालन विभाग के सेवानिवृत्त पूर्व निदेशक डॉ लाल सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गो-संवर्धन, औषधालयों और गो-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रोजेक्ट्स को सरकार के साथ मिलकर हर तहसील व जिला स्तर तक विस्तारित किया जाना चाहिए। विख्यात आध्यात्मिक संत ओम सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षिजी की प्रेरणा से विकसित किए जा रहे इस मॉडल के तहत एक ही परिसर में देवालय, विद्यालय, चिकित्सालय, गो-सेवा और कृषि आधारित उद्योगों के साथ आवासीय योजनाएं भी शामिल रहेंगी। संजय शर्मा बोले, परियोजना के अनुसार, 10,000 गायों के एक ब्लॉक के साथ प्रत्येक गोकुल ग्राम की लगभग 100 करोड़ रुपये की स्वावलंबी अर्थव्यवस्था होगी। इस पायलट मॉडल को आधार बनाकर वर्ष 2047 तक देश भर के 10,000 ब्लॉकों में गोकुल ग्राम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव