नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर रसोइया-चौकीदारों ने किया विरोध—प्रदर्शन

 


जयपुर, 04 अगस्त (हि.स.)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत कार्यरत रसोइया और चौकीदारों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विभाग के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से आए कर्मचारियों ने नियमितीकरण,न्यूनतम वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग उठाते हुए विभाग के निदेशक को ज्ञापन सौंपा।

संघ के अध्यक्ष सीताराम धाभाई ने बताया कि इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने मांग की कि रसोईया और चौकीदारों के स्थान पर अन्य सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की जाए। साथ ही न्यायालय के निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों को 17 हजार 700 रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग भी की गई।

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विभाग के निदेशक ललित कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान निदेशक ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि किसी भी कर्मचारी को सेवा से नहीं हटाया जाएगा तथा अन्य लंबित मांगों पर भी सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अंशकालीन रसोइयों एवं चौकीदारों के स्थान पर किसी भी प्रकार से सहायक कर्मचारियों को नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि माननीय न्यायालयों द्वारा पारित सभी आदेशों एवं निर्णयों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कर्मचारियों के वैधानिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने निदेशक द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि कर्मचारी वर्ग को विश्वास है कि विभाग शीघ्र ही इन आश्वासनों को अमल में लाएगा तथा वर्षों से सेवा दे रहे अंशकालीन कर्मचारियों के साथ न्याय सुनिश्चित करेगा।

इस अवसर पर राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंशकालीन रसोइया-चौकीदार कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सीताराम धाभाई, पूर्व मंत्री मनोज भारती तथा अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के अजयवीर सिंह, रिंकू यादव, शशि शर्मा एवं ओमप्रकाश चौधरी सहित प्रदेशभर से आए लगभग सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया। विभाग की ओर से मिले आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना धरना-प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश