महिलाओं के लिए निर्णायक बदलाव साबित होगा महिला सशक्तिकरण बिल
चित्तौड़गढ़, 12 अप्रैल (हि.स.)। महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी की पूर्व विधायक व नारी शक्ति वंदन अभियान की संयोजक अनिता गुर्जर रविवार को चित्तौड़गढ़ पहुंची। यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बिल महिलाओं के लिए निर्णायक बदलाव साबित होगा। इस दौरान गुर्जर ने केंद्र एवं राज्य सरकार की और से महिलाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जनकारी दी।
नारी शक्ति वंदन अभियान की संयोजक अनिता गुर्जर ने 16, 17 व 18 अप्रैल को स्वर्णिम बताते हुवे कहा कि संसद में इन तारीखों में महिला बिल पर चर्चा होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की और से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के लिए एक निर्णायक बदलाव साबित होगा।उन्होंने कहा कि आज भारत में हर चुनाव में महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंच रही हैं। हाल के चुनावों में कई स्थानों पर महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से भी अधिक रहा है, जो इस बात का संकेत है कि महिलाएं अब लोकतंत्र के केंद्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। वर्ष 2024 तक देश में कुल मतदाताओं में लगभग 48.62 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो 47 करोड़ से अधिक हैं।वहीं 2024 के चुनावों में 65.78 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया, जो पुरुषों से थोड़ा अधिक रहा, यह महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और सक्रियता का प्रमाण है। हालांकि, संसद और विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी अपेक्षाकृत कम है। लोकसभा में महिलाओं की संख्या 1952 में 22 से बढ क़र 2024 में 75 हो गई है, जबकि राज्यसभा में भी महिलाओं की भागीदारी लगभग 17 प्रतिशत के आस-पास है। उन्होंने कहा कि नारी वंदन बिल के पारित होने के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे एससी और एसटी सीटे भी होगी। उन्होने कहा कि ग्राम स्तर पर महिलाओं की भागीदारी पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 30 लाख जनप्रतिनिधियों में से करीब 15 लाख हैं, जो अपनी नेतृत्व क्षमता का सफल प्रदर्शन कर रही हैं। यह बिल लागू होने के बाद 2029 के लोकसभा चुनावों के बाद लगभग 273 महिला सांसद संसद में प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान विधायक चंद्रमानसिंह आक्या ने महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रतन गाडरी सहित जिला महामंत्री रघु शर्मा, हर्षवर्धन सिंह रूद, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष वीणा दशोरा, अनिल ईनाणी, शैलेंद्र झंवर, सुधीर जैन, मनोज पारीक आदि उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल