सूखा संभावित जिलों में आकस्मिक कार्य-योजना तैयार करने के निर्देश
जयपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में कमेटी ऑफ सेक्रेट्रीज (सीओएस) की बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने मिशन कर्मयोगी, प्रक्रियाधीन भर्तियों, विभागीय स्कीमेटिक योजनाओं, बजट घोषणाओं की प्रगति, राजकाज पोर्टल पर फाइलों के निस्तारण, राजस्थान संपर्क पोर्टल तथा संभावित सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत प्रबंधन की विभागवार विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और 5 वर्षों में 4 लाख भर्तियां करने के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 11 रोजगार मेलों एवं विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से 1 लाख 90 हजार 894 पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा लगभग 1 लाख 10 हजार पदों पर भर्ती की कार्रवाई विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन है, जिनमें से 45 हजार 645 पदों पर आगामी समय में नियुक्तियां दी जानी संभावित हैं।
मुख्य सचिव ने आगामी रोजगार मेले में दी जाने वाली नियुक्तियों से संबंधित सूचनाएं शीघ्र अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रक्रियाधीन भर्तियों में तेजी लाने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग एवं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड से प्रभावी समन्वय स्थापित करने तथा न्यायालय में लंबित प्रकरणों में मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही आगामी वर्ष के भर्ती परीक्षा कैलेंडर के लिए सभी विभागों को रिक्त पदों की गणना कर शीघ्र अर्थना भिजवाने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने शेष लंबित घोषणाओं तथा जिन घोषणाओं की स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं, उनके कार्य शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
विभागीय स्कीमेटिक योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर के अंत तक स्कीमेटिक बजट के विरुद्ध 1 लाख 1 हजार 969.52 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। यह गत वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में हुए 87 हजार 695.12 करोड़ रुपये के व्यय की तुलना में 16.28 प्रतिशत अधिक है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने अधिकारियों को स्वीकृत राशि के समयबद्ध उपयोग के लिए स्वयं के स्तर पर नियमित समीक्षा करने तथा केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों से निरंतर समन्वय बनाकर योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।
मिशन कर्मयोगी के राजस्थान डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में 8 लाख 33 हजार से अधिक कार्मिक आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं और प्रमुख राज्यों की केपीआई रैंकिंग में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। अब तक 82.25 लाख से अधिक नामांकन के विरुद्ध 49.12 लाख कोर्स पूर्ण किए जा चुके हैं।
मुख्य सचिव ने नामांकन और कोर्स पूर्ण करने के अंतर को कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्मिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक शनिवार को कम से कम एक घंटा प्रशिक्षण के लिए देने को कहा। साथ ही स्वायत्त शासन विभाग तथा पंचायती राज विभाग को पोर्टल पर नए कौशल विकास कोर्स जोड़ने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने राजकाज पोर्टल पर विभागवार फाइल मूवमेंट की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि पोर्टल पर अब तक 54.9 लाख से अधिक ई-फाइलों का सृजन हुआ है तथा विभागों ने कम समय में फाइलों का निस्तारण कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राजकाज वर्जन 2.0 पर वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन एपीएआर मॉड्यूल तथा एआई-आधारित स्मार्ट चैट सपोर्ट भी प्रारंभ किया गया है। मुख्य सचिव ने ई-फाइलों एवं लंबित डाक का निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
विधानसभा से संबंधित लंबित प्रश्नों एवं पीएलएस प्रकरणों की समीक्षा में बताया गया कि कुल 2 हजार 10 पत्रों में से 98.61 प्रतिशत (1,982) के जवाब भिजवाए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने शेष लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। राजस्थान संपर्क पोर्टल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि मार्च 2026 से अक्टूबर 2026 की अवधि में दर्ज 65.92 लाख परिवादों में से 99.56 प्रतिशत (65.63 लाख) का निस्तारण किया गया है। औसत निस्तारण समय घटकर 12 दिन रह गया है तथा परिवादियों की संतुष्टि का स्तर भी बढ़ा है।
मुख्य सचिव ने सूखा संभावित जिलों में आमजन एवं पशुधन को राहत देने के लिए अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिला प्रभारी सचिवों को अपने प्रभार वाले सूखा संभावित जिलों का भ्रमण कर धरातलीय आकलन करने तथा जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पेयजल की सुचारु आपूर्ति के लिए आकस्मिक कार्य-योजना तैयार करने, आवश्यकतानुसार चारा डिपो स्थापित करने तथा गौशालाओं में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जिलों में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा बाल श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित