पुष्कर में कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू, संगठन मजबूती और चुनावी रणनीति पर मंथन

 




अजमेर, 23 मई (हि.स.)। राजस्थान और दिल्ली कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के लिए अजमेर जिले के पुष्कर में आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण एवं चिंतन शिविर शनिवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गया। शिविर में संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने, चुनावी रणनीति, मीडिया प्रबंधन और जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। शिविर के दौरान कांग्रेस पदाधिकारी गांवों में जाकर ग्रामीणों से संवाद भी करेंगे।

संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस संयुक्त प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान कांग्रेस के 50 और दिल्ली कांग्रेस के 15 जिला अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। यह शिविर 1 जून तक चलेगा। शिविर के उद्घाटन से पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा पुष्कर पहुंचे। राजस्थान और दिल्ली से आए जिलाध्यक्षों के पंजीकरण के बाद दोपहर ढाई बजे कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। शिविर में सभी जिलाध्यक्ष जमीन पर बैठकर चिंतन और विचार-मंथन करते नजर आए।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपना लोकतांत्रिक दायित्व निभा रही है, जबकि वर्तमान सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में जवाबदेही और नैतिक जिम्मेदारी का अभाव है। डोटासरा ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान यदि किसी मंत्री पर आरोप लगते थे तो वे नैतिक आधार पर इस्तीफा देते थे, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार में ऐसी परंपरा दिखाई नहीं देती।

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष नसीम अख्तर इंसाफ ने कहा कि यह शिविर संगठन सृजन अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और कांग्रेस हमेशा कार्यकर्ताओं तथा आम जनता से सीधे संवाद को प्राथमिकता देती रही है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा नगरी पुष्कर में आयोजित यह शिविर कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा और राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि शिविर के अंतिम दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे। उनके कार्यक्रम में भाग लेने से शिविर का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाएगा।

अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को नई राजनीतिक दिशा देना है। शिविर में करीब 100 जिलाध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

शिविर के पहले दिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रशिक्षण विभाग प्रमुख सचिन राव ने टेली प्रोजेक्टर के माध्यम से महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद और सरोजिनी नायडू जैसे नेताओं के भाषणों के वीडियो प्रस्तुत किए। नेताओं ने संगठन की विचारधारा, इतिहास और देश निर्माण में कांग्रेस के योगदान पर विस्तार से चर्चा की।

शिविर के आगामी सत्रों में संगठन प्रबंधन, समसामयिक राजनीतिक मुद्दे, चुनावी रणनीति, मीडिया समन्वय और जनसंपर्क पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण के बाद जिलाध्यक्षों को ब्लॉक, मंडल और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।

पीसीसी उपाध्यक्ष नसीम अख्तर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान एक दिन सभी जिलाध्यक्ष आसपास के गांवों में जाकर ग्रामीणों से संवाद करेंगे और रात्रि विश्राम भी वहीं करेंगे। इसके अलावा मनरेगा कार्यों का निरीक्षण, सफाई अभियान में श्रमदान तथा आत्मनिर्भरता का संदेश देने के लिए जिलाध्यक्ष स्वयं अपने कार्य करेंगे, जैसे भोजन की प्लेट स्वयं धोना और प्रशिक्षण सत्र में जमीन पर बैठना।

शिविर में राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस के इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष