वंदे मातरम् के सम्मान से भागी कांग्रेस, सदन से गायब होकर लोकतंत्र का भी कर रही अपमान
जयपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस द्वारा सदन की कार्यवाही से दूरी बनाना और वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के दौरान सदन में उपस्थित नहीं रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस के इस रवैये को देश, मातृभूमि और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति उसकी सोच का परिचायक बताते हुए कहा कि कांग्रेस को राष्ट्र और लोकतंत्र से अधिक केवल सत्ता से प्रेम रह गया है।
वंदे मातरम् से दूरी ने कांग्रेस की मानसिकता उजागर की: खर्रा
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां और वंदे मातरम् तथा मातृभूमि के प्रति उसका आचार-विचार अब पूरी तरह जनता के सामने आ गया है। वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रभाव से जुड़े गीत के पूर्ण गायन के समय सदन से बाहर रहना कांग्रेस की राजनीतिक सोच और उसके आचरण को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस आचरण से साफ हो गया है कि उसे मातृभूमि से प्यार नहीं है, उसे सिर्फ सत्ता में बने रहने से प्यार है। देश की जनता सब देख रही है और कांग्रेस को आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी।
खर्रा ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का पूरा अधिकार है। विपक्ष को अपनी किसी भी नीति, विचार या मांग पर सरकार को घेरना है तो वह सदन में आए और शालीनता एवं तथ्यों के साथ अपनी बात रखे। सदन में तथ्यात्मक और तार्किक तरीके से बात रखी जाएगी तो सरकार को उस पर विचार करने के लिए विवश होना पड़ेगा, लेकिन कांग्रेस का उद्देश्य चर्चा करना नहीं, केवल हंगामा खड़ा करना दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिस प्रकार सदन से दूरी बनाई और बाहर प्रदर्शन का रास्ता अपनाया, उससे उसकी नीयत स्पष्ट हो गई है। जनता ने कांग्रेस को सदन में अपनी बात रखने के लिए चुना है, सदन से भागने के लिए नहीं।
तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् का बहिष्कार कर रही कांग्रेस: जवाहर सिंह बेढ़म
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि आज कांग्रेस का चाल, चेहरा और चरित्र पूरी तरह खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस को मालूम था कि विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही वंदे मातरम् का पूरा गीत गाना पड़ेगा, इसलिए उसने एक तरह से इसका बहिष्कार किया है। राष्ट्रीय गीत न गाना पड़े, इसके लिए कांग्रेस तुष्टिकरण की नीति अपनाकर एक वर्ग विशेष को खुश करने और राजस्थान की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सदन सबका होता है और वहाँ नियम-परंपराओं के तहत जनहित के मुद्दों पर चर्चा व समाधान होता है, लेकिन बहिष्कार करके कांग्रेस ने जनता का विश्वास तोड़ा है। बेढ़म ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य तेजी से विकास कर रहा है । कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, अमन-चैन कायम है और बिजली, पानी, रोजगार, किसान कल्याण, महिला समृद्धि व गरीब उत्थान के कार्य धरातल पर हो रहे हैं। सरकार पूरे मनोयोग से जनहित के कार्य कर रही है, लेकिन इससे कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है।
कांग्रेस को बहाना नहीं, सदन में आकर चर्चा करनी चाहिए: जोगेश्वर गर्ग
मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि कांग्रेस का सदन से गायब रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने यह तय कर लिया है कि जहां वंदे मातरम् का पूरा गायन होगा, वहां वह मौजूद नहीं रहेगी। वंदे मातरम् से बचने के लिए सदन से बाहर रहने का बहाना बनाना कांग्रेस के लिए बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा के सभी द्वार एक साथ खुले रहना आवश्यक नहीं होता। आवश्यकता और सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार समय-समय पर कुछ द्वार बंद और कुछ खुले रहते हैं। विधानसभा के गेट नंबर 1 और 7 खुले थे और कांग्रेस के विधायक इन्हीं रास्तों से सदन में आ सकते थे। इसके बावजूद कांग्रेस ने एक विशेष गेट खुलवाने को लेकर विवाद खड़ा किया।
गर्ग ने कहा कि कांग्रेस को विधानसभा में आकर अपनी बात रखनी चाहिए थी, लेकिन वह सदन के भीतर चर्चा से भागकर बाहर हंगामा करने में लगी रही। यदि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा है तो वह उसे सदन के पटल पर रखे। सरकार अच्छे और तथ्यपूर्ण सुझावों पर विचार करने के लिए तैयार है। मुख्य सचेतक ने कहा कि लोकसभा, राज्यसभा से लेकर विधानसभा तक कांग्रेस का एक ही रवैया दिखाई देता है, सदन की कार्यवाही बाधित करना, हंगामा खड़ा करना और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को रोकना। यह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है।
उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस के इस आचरण को देख रही है। यदि कांग्रेस इसी तरह सदन से भागती रही और लोकतांत्रिक मंच का उपयोग करने के बजाय अराजकता और अव्यवस्था का रास्ता अपनाती रही, तो जनता उसे लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच से स्थायी रूप से बाहर करने का काम करेगी।
विधानसभा के मुख्य द्वार तक प्रदर्शनकारियों का पहुंचना निंदनीय
गर्ग ने कहा कि विधानसभा का सदन चल रहा हो और प्रदर्शनकारी विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंच जाएं, ऐसा पहले कभी देखने को नहीं मिला। प्रदर्शन के भी नियम और मर्यादाएं होती हैं। कानून-व्यवस्था और विधानसभा की गरिमा का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विधायकों के साथ अन्य समर्थकों और कार्यकर्ताओं को विधानसभा परिसर में प्रवेश दिलाने के लिए विशेष गेट खोलने का दबाव बनाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा समझनी चाहिए।
खेजड़ी एवं अन्य वृक्षों की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक पहल
मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विधानसभा में पेश किए गए महत्वपूर्ण विधेयकों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेजड़ी सहित अन्य वृक्षों की सुरक्षा को कानूनी संरक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। राजस्थान की परंपरा में ओरणों और वृक्षों के संरक्षण का विशेष स्थान रहा है। वृक्ष काटना ही नहीं, बल्कि उनकी डालियां तोड़ना तक प्रतिबंधित रखने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इसी पर्यावरण संरक्षण की परंपरा को कानूनी स्वरूप देने का प्रयास कर रही है। यह राजस्थान की प्रकृति, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। कांग्रेस को ऐसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर सदन में आकर सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए और अपने सुझाव देने चाहिए, न कि सदन से बाहर रहकर केवल राजनीति करनी चाहिए।
यूसीसी पर भी इसी सत्र में आगे बढ़ेगी सरकार
मुख्य सचेतक ने कहा कि समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक भी विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है और सरकार का प्रयास रहेगा कि इसी सत्र में इसे पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर विपक्ष को सदन में उपस्थित रहकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। कांग्रेस को चाहिए कि वह हंगामा और बहानेबाजी छोड़कर सदन में आए, अपनी बात रखे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सकारात्मक भूमिका निभाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित