डूंगरपुर में अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ कांग्रेस का विराेध प्रदर्शन
डूंगरपुर, 11 जून (हि.स.)। जिले में लगातार गहराते बिजली संकट और भीषण गर्मी के बीच हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर गुरुवार को डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया। अघोषित पावर कट से त्रस्त जनता की आवाज उठाते हुए कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डूंगरपुर विधायक एवं जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा के नेतृत्व में गुरुवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान बंद दफ्तर में घुसने को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच करीब 5 मिनट तक हाई-वोल्टेज ड्रामा और जमकर धक्का-मुक्की देखने को मिली।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रातः 10 बजे भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए। वहां से विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हॉस्पिटल मार्ग स्थित बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय तक एक पैदल मार्च निकाला। कार्यकर्ता प्रदेश सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। पैदल मार्च के बाद आक्रोशित कांग्रेसी बिजली विभाग के मुख्य द्वार पर पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने और ज्ञापन लेने अपने चैंबर से बाहर नहीं आए। लंबे इंतजार के बाद कार्यकर्ताओं का सब्र का बांध टूट गया। उग्र हुए कार्यकर्ताओं ने दफ्तर के भीतर जबरन घुसने का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिस बल ने जब उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस घेरे को तोड़ दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। विधायक गणेश घोघरा और पुलिसकर्मियों के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। करीब 5 मिनट तक कार्यालय परिसर रणक्षेत्र बना रहा और भारी हंगामा होता रहा।
भारी हंगामे के बीच प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक गणेश घोघरा ने भजनलाल सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले किए। मीडिया से बातचीत में घोघरा ने कहा कि इस भीषण गर्मी में ग्रामीण इलाकों के लोग 16-16 घंटे बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं। जनता बेहाल है, पानी और बिजली के लिए त्राहि-त्राहि मची है, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली भाजपा के राज में जनता के बिजली के भारी-भरकम बिल तो पूरे आ रहे हैं, लेकिन घरों से बिजली पूरी तरह गायब है। अघोषित कटौती के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और शहरों में व्यापार पूरी तरह ठप हो चुका है।
परिसर में बढ़ते भारी हंगामे और आक्रोश को देखते हुए आखिरकार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता में बंद कमरे के भीतर विधायक गणेश घोघरा और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों के बीच वार्ता शुरू हुई। सकारात्मक वार्ता के बाद अधीक्षण अभियंता खुद चैंबर से बाहर निकलकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया कि अगले 3 दिनों के भीतर जिले की चरमराई बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों द्वारा इस संबंध में लिखित और मौखिक आश्वासन दिए जाने के बाद ही कांग्रेस ने अपना धरना और प्रदर्शन समाप्त करने का ऐलान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष