मनरेगा में बदलाव से गांवों का अधिकार छीना जा रहा : कांग्रेस
अजमेर, 10 जनवरी (हि.स.)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मनरेगा में किए जा रहे बदलावों से ग्राम पंचायतों के अधिकार समाप्त किए जा रहे हैं और अब पंचायतें केवल “डेटा एंट्री सेंटर” बनकर रह जाएंगी, जबकि सभी फैसले दिल्ली से थोपे जाएंगे।
कांग्रेस के अजमेर प्रभारी चेतन डूडी ने शनिवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां गरीब, मजदूर और किसानों को कमजोर करने की मंशा से लाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में बदलाव कर गांवों से रोजगार छीनने की साजिश रची जा रही है, जिससे मजबूरी में ग्रामीणों का शहरों की ओर पलायन बढ़ेगा।
डूडी ने कहा कि मनरेगा के चलते गांवों में काम मिलने से पलायन रुका था, लेकिन अब बदलावों के कारण एक बार फिर बड़े शहरों पर दबाव बढ़ेगा। इससे न केवल शहरों की व्यवस्था चरमराएगी, बल्कि गरीब मजदूर रोजगार की तलाश में भटकने को मजबूर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अब ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र का विकास स्वयं तय नहीं कर पाएंगी, बल्कि दिल्ली में बैठे अधिकारी यह तय करेंगे कि गांवों में क्या और किस प्रकार का विकास होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार लगातार ऐसे कानून और योजनाएं ला रही है, जिनसे गरीब और मजदूर वर्ग की कमर टूटे। सरकार की प्राथमिकता आमजन नहीं, बल्कि उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाना है।
कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि मनरेगा में किए जा रहे बदलावों का ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक विरोध हो रहा है और कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे अभियान को जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है।
प्रेस वार्ता में शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल, पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, उत्तर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे महेंद्र सिंह रलावता, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी द्रोपदी कोली, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल, चंदन सिंह सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष