सज्जनगढ़ में प्लास्टिक बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर लगेगा एक हजार रुपए जुर्माना

 


उदयपुर, 05 जून (हि.स.)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल सज्जनगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, मानसून पैलेस तथा सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क को प्लास्टिक बोतल मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से वन विभाग ने यहां प्लास्टिक की पानी की बोतलों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है।

मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सेदू राम यादव के अनुसार सज्जनगढ़ क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यदि किसी पर्यटक के पास अभयारण्य क्षेत्र के भीतर प्लास्टिक की पानी की बोतल पाई जाती है तो उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यटन के कारण क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे की समस्या गंभीर होती जा रही थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

सहायक वन संरक्षक सुरभि शर्मा ने बताया कि सज्जनगढ़ उदयपुर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों द्वारा फेंकी जाने वाली प्लास्टिक की खाली बोतलें पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए खतरा बन रही थीं।

नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों को टिकट विंडो के पास 500 मिलीलीटर पानी कांच की बोतल में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए 50 रुपये शुल्क लिया जाएगा। वापसी के समय खाली बोतल जमा कराने पर 40 रुपये लौटा दिए जाएंगे, जबकि 10 रुपये सेवा शुल्क के रूप में रखे जाएंगे। इस पहल से सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी आने की उम्मीद है।

गर्मी के मौसम में सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में प्रतिदिन 500 से 750 पर्यटक आते हैं, जबकि पर्यटन सीजन में यह संख्या 1000 से 1500 तक पहुंच जाती है। वन विभाग की वाइल्ड लाइफ विंग ने ‘नीर अमृत’ संस्था के सहयोग से इस अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वन विभाग को विश्वास है कि यह पहल पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता