निकाय चुनाव में सीएम का रोड शो उपलब्धि नहीं, सरकार की सबसे बड़ी नाकामी: गहलोत
जयपुर, 06 सितंबर (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। जयपुर में मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री का रोड शो करना कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मुख्यमंत्री को नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम के चुनावों में रोड शो करने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
गहलोत ने कहा कि पिछले ढाई साल में प्रदेश के शहरों में सड़कें टूटी पड़ी हैं और सीवरेज व्यवस्था खराब है। विकास के काम ठप हैं। उन्होंने अपनी सरकार के समय चलाए गए ‘प्रशासन शहरों के संग’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान 12 लाख पट्टे दिए गए थे। भाजपा सरकार के कार्यकाल में दिए गए पट्टों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ढाई-पौने तीन साल में मुश्किल से एक लाख पट्टे भी नहीं दिए गए होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों को भाजपा ने बड़ा लक्ष्य बना लिया है और दिल्ली, महाराष्ट्र सहित दूसरे राज्यों से मंत्री तथा पार्टी के बड़े नेता प्रचार के लिए आ रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि सरकार को जनता के आक्रोश का अंदाजा हो गया है। उन्होंने मतदाताओं से भाजपा के भ्रम में नहीं आने और चुनाव में ‘वोट की चोट’ देने की अपील की।
गहलोत ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद सरकार पर अंकुश लगेगा तो सड़कें बनेंगी, पट्टे मिलेंगे और वास्तविक विकास होगा। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव में जनता का फैसला आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी बड़ा संदेश होगा।
गहलोत ने जातिगत जनगणना की प्रणाली को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती तो ऐसी प्रणाली नहीं अपनाई जाती। उन्होंने पूर्ववर्ती सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना का उदाहरण देते हुए कहा कि नाम और जाति की वर्तनी में गलतियों के कारण आंकड़ों में बड़ी विसंगतियां पैदा हुई थीं।
गहलोत ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता से किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने दो करोड़ नौकरियां, किसानों की आय दोगुनी करने, काला धन वापस लाने और खातों में 15 लाख रुपए आने जैसे वादों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जनता इन दावों की हकीकत समझ चुकी है।
राजस्थान में क्रिकेट के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश के क्रिकेट ढांचे को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब पौने तीन साल में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव तक नहीं कराए गए। जयपुर में निर्माणाधीन बड़े क्रिकेट स्टेडियम का काम रुके होने पर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
गहलोत ने कहा कि उनके कार्यकाल में स्टेडियम निर्माण के लिए हिंदुस्तान जिंक के अनिल अग्रवाल से बातचीत की गई थी और करीब 150 करोड़ रुपये की राशि भी दी गई थी। इसके बावजूद स्टेडियम का काम अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि लाखों क्रिकेट प्रेमी और युवा इस स्टेडियम के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने यदि अपनी गलतियों को नहीं सुधारा तो जनता समय आने पर इसका जवाब देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित