केसर स्वीट्स मामले में जयपुर सीएमएचओ द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल एपीओ

 


जयपुर, 06 नवंबर (हि.स.)। केसर स्वीट्स में मिलावटी मिठाई के मामले में कार्रवाई में देरी करना जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल को भारी पड़ गया। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें एपीओ (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) कर दिया है। एपीओ अवधि के दौरान उन्हें स्वास्थ्य निदेशालय में उपस्थिति देनी होगी। सरकार ने यह कार्रवाई काजू कतली का नमूना जांच में अनसेफ मिलने के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं करने के मामले में की है। डॉ. मित्तल मई 2025 से जयपुर सीएमएचओ द्वितीय के पद पर कार्यरत थे।

उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 24 अगस्त को दुर्गापुरा स्थित केसर स्वीट्स पर छापा मारकर काजू कतली सहित कई मिठाइयों के नमूने लिए थे। जांच में काजू कतली का नमूना अनसेफ पाया गया था। इसके बावजूद सीएमएचओ स्तर पर करीब डेढ़ महीने तक मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इस दौरान दुकान के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से मामला चर्चा में आया।

मामला मीडिया में आने के बाद 26 अक्टूबर को केसर स्वीट्स का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद दुकान से मिठाइयों की बिक्री जारी रहने की शिकायत सामने आई। इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची तो खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आया और जयपुर सीएमएचओ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद डॉ. मनीष मित्तल ने टीम भेजकर दुकान पर ताला लगवाया और उसे सीज करवाया।

पूरे प्रकरण में डॉ. मित्तल की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए सरकार ने उन्हें पद से हटाकर एपीओ कर दिया। कार्रवाई में देरी और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने यह कदम उठाया है।

इधर केसर काजू कतली बनाने वाली जयपुर की कंपनी द डिवाइन टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। न्यायाधीश आनंद शर्मा की एकलपीठ ने कंपनी का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने संबंधी खाद्य सुरक्षा विभाग के 26 अक्टूबर 2026 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।

द डिवाइन टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक दलजीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के लाइसेंस निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निलंबन आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश