मुख्यमंत्री के नई दिल्ली दौरे से राजस्थान को विकास परियोजनाओं में मिलेगी नई रफ्तार
नई दिल्ली/जयपुर, 13 मई (हि.स.)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर राजस्थान और हरियाणा के बीच विकास, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में विशेष रूप से लंबे समय से प्रतीक्षित यमुना जल समझौते को तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और समयबद्ध कार्ययोजना पर गंभीर मंथन हुआ है।
उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग और समन्वय से दोनों राज्यों के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और हरियाणा सरकार का सहयोग के लिए आभार भी जताया।
यमुना जल समझौते के तहत हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान को आवंटित जल को भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से चूरू, सीकर, झुंझुनूं सहित कई जिलों तक पहुंचाया जाएगा।
इस परियोजना के तहत जुलाई से अक्टूबर तक राजस्थान को यमुना का आवंटित जल मिलेगा। लगभग 577 एमसीएम पानी पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए उपलब्ध होगा। चूरू, सीकर, झुंझुनूं सहित शेखावाटी क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। पेयजल संकट से जूझ रहे इलाकों को दीर्घकालिक समाधान मिलेगा। संयुक्त डीपीआर तैयार कर हरियाणा सरकार के साथ साझा की जा चुकी है और केंद्रीय जल आयोग से अनुमोदन मिलते ही धरातल पर कार्य शुरू किया जाएगा।
बैठक में राजस्थान को हरियाणा के माध्यम से दिल्ली से जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इस परियोजना से राजस्थान-दिल्ली कनेक्टिविटी मजबूत होगी। भिवाड़ी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यात्रा समय में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में भिवाड़ी क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या का मुद्दा भी उठाया। इस संबंध में दोनों राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करने पर सहमति बनी। बैठक में ऊपरी यमुना बेसिन की बहुप्रतीक्षित जल भंडारण परियोजनाओं किशाऊ, रेणुका और लखवार पर भी चर्चा हुई। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर राजस्थान को अतिरिक्त 201 एमसीएम जल उपलब्ध होगा। इन योजनाओं से राजस्थान को वर्षभर जल आपूर्ति की दिशा में स्थायी समाधान मिलेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जल, परिवहन और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी ये परियोजनाएं प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ बेहतर समन्वय के जरिए राजस्थान के विकास को नई गति दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार यमुना जल समझौता और आरआरटीएस जैसी परियोजनाएं न केवल जल संकट दूर करेंगी बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित