नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने रखा विकसित राजस्थान-2047 का विजन
नई दिल्ली/जयपुर, 11 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रपति भवन में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के विकास का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवा शक्ति, निवेश संवर्धन, कृषि समृद्धि, महिला सशक्तीकरण, हरित ऊर्जा और सुशासन को आधार बनाकर वर्ष 2047 तक विकसित राजस्थान के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता, नवाचार और समावेशी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी दिशा में राजस्थान भी विकसित भारत-2047 के संकल्प को गति देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को अपनी सभी योजनाओं एवं नीतियों के केंद्र में रखकर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए 35 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। प्रदेश में अब तक 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनमें से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 9 एमएमटीपीए क्षमता की आधुनिक रिफाइनरी की सौगात भी मिली है, जो औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2029 तक राजस्थान को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में प्रदेश की जीएसडीपी वृद्धि दर 10.24 प्रतिशत है, जो इस लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की 63 प्रतिशत आबादी युवा है और यही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री के ‘माय भारत’ अभियान में राजस्थान के 18 लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है, जिससे राज्य देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने बताया कि युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ने के लिए राजस्थान कौशल नीति-2025, राजस्थान युवा नीति-2025 और राजस्थान रोजगार नीति-2026 लागू की गई हैं। इसके साथ ही सहकारिता, डेयरी विकास और एक जिला-एक उत्पाद जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि ऊर्जा उत्पादक और उद्यमी बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2 करोड़ 19 लाख बीमा पॉलिसियां जारी की गई हैं। वहीं पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत 723 मेगावाट क्षमता की 496 सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की गई हैं, जिनमें राजस्थान देश में अग्रणी है।
उन्होंने बताया कि मरुस्थलीय जिलों में दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण योजना में राजस्थान लगातार दो वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर रहा है, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में राज्य दूसरे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म से प्रेरित होकर राजस्थान में ‘राज उन्नति’ प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इसके माध्यम से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की 42 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जन शिकायतों के समाधान के लिए संचालित ‘संपर्क पोर्टल’ पर शिकायत निस्तारण की औसत अवधि 28 दिन से घटकर 14 दिन रह गई है तथा 98 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। वहीं ग्राम विकास रथों के जरिए दो करोड़ से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई गई है। उन्होंने बताया कि शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के तहत झुंझुनूं, चूरू और सीकर में 660 से अधिक हवेलियों को संरक्षण एवं पर्यटन विकास के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार ने पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से करीब 20 करोड़ पौधों का रोपण किया जा चुका है। जल संरक्षण अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवा शक्ति, कृषि समृद्धि, महिला सशक्तीकरण, हरित ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और सुशासन के समन्वित प्रयासों से राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राजस्थान ‘विकसित राजस्थान-2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित