मुख्यमंत्री ने किसानों से लिया फीडबैक, सिंचाई और बिजली व्यवस्था पर की चर्चा
हनुमानगढ़/जयपुर, 08 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को हनुमानगढ़ में किसानों से संवाद कर खेती, सिंचाई, बिजली आपूर्ति और सरकारी योजनाओं पर फीडबैक लिया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनके सुझाव और समस्याएं सुनीं।
इस दौरान श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसानों ने बजट में गेहूं की एमएसपी खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा तथा नहरी तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। किसानों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें गेहूं का गुलदस्ता भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ बातचीत कर बिजली आपूर्ति, नहरों के सुदृढ़ीकरण, फिरोजपुर फीडर की पानी वहन क्षमता बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर फीडबैक लिया।
उन्होंने कहा कि किसानों से सीधे संवाद कर खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ प्रदेश के महत्वपूर्ण कृषि क्षेत्र हैं और राजस्थान को अनाज उत्पादन में मजबूत बनाने में यहां के किसानों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकार सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अन्य राज्यों के साथ चल रहे जल संबंधी मुद्दों के समाधान की दिशा में भी प्रयास कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश में जल संसाधनों के विकास के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे भविष्य में इस क्षेत्र को सिंचाई के लिए अधिक पानी उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने किसानों से समय के साथ खेती की नई पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान ऐसी फसलों को अपनाएं जिनमें पानी कम लगे और मुनाफा अधिक हो। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और सीमित मात्रा में रासायनिक खाद के साथ गोबर खाद के उपयोग की भी सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। दुग्ध उत्पादकों को पांच रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है, जबकि किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये तक के ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा कृषि यंत्रों पर भी सब्सिडी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले छह हजार रुपये के अतिरिक्त राज्य सरकार किसानों को तीन हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा देने की व्यवस्था है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला पुलिसकर्मियों ने संभाली। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, जिला प्रभारी एवं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित