मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का राज्य स्तरीय समारोह बुधवार काे
जोधपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के जीवन को सरल और सम्मानजनक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है। इससे किसानों को आर्थिक संबल मिलने से उनका जीवन सुगम हुआ है। योजना के अंतर्गत अब तक पांच किस्तों के माध्यम से किसानों को 2726 करोड़ की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा योजना की छठी किस्त बुधवार को जोधपुर के ओसियां में होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में जारी करेंगे। राज्य के 66.56 लाख किसानों को 665 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जाएगी। बता दे कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 30 जून, 2024 को टोंक में योजना का शुभारम्भ किया था। यहां प्रथम किस्त के रूप में 65 लाख से अधिक किसानों को लगभग 653 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। प्रथम किस्त के रूप में किसानों के बैंक खातों में 1000-1000 रुपये हस्तांतरित किए गए। इसके बाद 13 दिसम्बर, 2024 को द्वितीय एवं तृतीय किश्त की एकमुश्त 1000-1000 रुपये की राशि कुल 702 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। योजना की चतुर्थ किस्त 18 अक्टूबर, 2025 को धनतेरस के दिन नदबई में जारी की गई, जिसमें 718 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई। वहीं, 22 जनवरी 2026 को पांचवीं किस्त सिरोही में जारी की गई, जिसमें 653 करोड़ रुपए हस्तांतरित कर किसानों को संबल दिया गया।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को 6 हजार रुपये की वार्षिक राशि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। किसानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की। योजना के माध्यम से किसानों को 3,000 रुपये वार्षिक की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। यानि राज्य के किसानों को 6,000 रुपये के स्थान पर 9,000 रुपये की सम्मान निधि प्रतिवर्ष मिल रही है। इस अतिरिक्त राशि से किसान अपनी कृषि संबंधी आवश्यकताओं के साथ ही दैनिक जीवन की जरूरतें भी पूरी कर पा रहे हैं। राज्य सरकार सम्मान निधि की राशि चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 12 हजार रुपए प्रतिवर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ऐसे कृषक जिनके पास भूमि 1 फरवरी 2019 के पहले से है, वे इस योजना के पात्र हैं। इस तिथि के बाद विरासत से अर्जित भू-धारक कृषक ही योजना का लाभ ले सकते हैं। कृषि योग्य भूमि का तात्पर्य है कि भूमि पर कृषि संबंधित कार्य किया जा रहा हो। किसान परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हैं। अत: एक परिवार में एक व्यक्ति ही लाभ हेतु पात्र है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कृषक स्वयं भारत सरकार द्वारा सृजित पीएम-किसान पोर्टल पर जाकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं अथवा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर एवं ई-मित्र के माध्यम से भी पंजीयन करवाया जा सकता है। पंजीयन के लिए परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड, कृषक की फार्मर आईडी एवं डीबीटी इनेबल बैंक खाता होना अनिवार्य है। साथ ही, पंजीयन के दौरान आधार से जुड़े मोबाइल को साथ रखना अनिवार्य है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश