विधानसभा में मुख्यमंत्री ने रखी दो साल की उपलब्धियों की रिपोर्ट, कहा पिछली सरकार से अधिक कार्य किए

 


जयपुर, 05 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तृत दस्तावेज सदन के पटल पर रखा। उन्होंने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि पांच साल बनाम दो साल के कार्यों पर बहस करनी है तो वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं और इस विषय पर चर्चा के लिए स्पीकर समय तय करें। मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सदन की कार्यवाही 11 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने मात्र दो वर्षों में पूर्ववर्ती सरकार के पूरे पांच साल की तुलना में अधिक और ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, कृषि, महिला एवं युवा कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का तुलनात्मक ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अर्थव्यवस्था को न केवल स्थिरता दी है, बल्कि उसे गति और स्पष्ट दिशा भी प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने विकास और विरासत को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की पहचान और रेगिस्तान को रोकने का प्राकृतिक कवच है। सरकार खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाने जा रही है, ताकि प्रदेश में इसके संरक्षण को स्थायी आधार मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य में वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया गया, जिसके तहत दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का है।

मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में वित्तीय प्रबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय प्रदेश पर भारी कर्ज और राजस्व घाटा विरासत में मिला था। उन्होंने बताया कि 2023-24 में जहां राजस्व घाटा 38 हजार 954 करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 के बजट अनुमानों में इसे घटाकर 31 हजार 9 करोड़ रुपये तक लाया गया है। दो वर्षों में करीब 8 हजार करोड़ रुपये के राजस्व घाटे में कमी सरकार की सुदृढ़ वित्तीय नीति का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के चलते केन्द्र से मिलने वाली पूंजीगत निवेश सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पिछली सरकार के दौरान चार वर्षों में 15 हजार 803 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी, वहीं मौजूदा सरकार ने मात्र दो वर्षों में 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पूंजीगत निवेश सहायता प्राप्त की है। आगामी वित्तीय वर्ष में भी केन्द्र से अतिरिक्त सहायता मिलने की संभावना है।

जल संसाधनों के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि रामजल सेतु परियोजना के तहत नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध में जल संग्रहण प्रारंभ हो चुका है तथा अन्य बैराजों के लिए सहमति पत्र जारी किए जा चुके हैं। यमुना जल समझौते की डीपीआर अंतिम चरण में है और गंगनहर प्रणाली के आधुनिकीकरण तथा इंदिरा गांधी नहर के विकास कार्यों पर भी हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जल जीवन मिशन के तहत 14 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि को दो वर्षों में ही डेढ़ गुना किया गया है और किसानों को 10 हजार 508 करोड़ रुपये सीधे खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ब्याज मुक्त फसली ऋण दिए गए हैं और फसल बीमा योजना के तहत करोड़ों रुपये के क्लेम वितरित किए गए हैं। इसके साथ ही दो लाख से अधिक नए कृषि बिजली कनेक्शन जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अब तक एक लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि एक लाख 55 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। पेपर लीक मामलों में एसआईटी गठित कर सख्त कार्रवाई की गई है और सैकड़ों आरोपियों को जेल भेजा गया है।

सदन में अपने जवाब के दौरान मुख्यमंत्री और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने एसआईआर और दो साल बनाम पांच साल की बहस को लेकर दो बार हंगामा किया। मुख्यमंत्री ने नाम लिए बिना कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सत्ता में थे तब फैसले लेने का समय था, लेकिन उस वक्त विवेक नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी कोई रिटायरमेंट के बाद की योजना नहीं होती, बल्कि कुर्सी पर बैठकर दिखाई जाती है। युवाओं को भाषण नहीं, निष्पक्ष परीक्षा चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी ठोस काम किया है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दो वर्षों में अपराधों में 14 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। अनुसूचित जाति-जनजाति और महिला अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

सामाजिक कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक करोड़ परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक राशि वितरित की गई है। आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत करोड़ों लोगों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 34 नई नीतियां लागू कर प्रदेश को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है। राइजिंग राजस्थान जैसे आयोजनों के माध्यम से लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले तीन वर्षों में विकास की गति और तेज होगी और राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर