निकाय चुनाव में कांग्रेस का ‘जिताऊ-टिकाऊ’ फॉर्मूला: डोटासरा बोले—युवाओं को देंगे मौका

 


जयपुर, 29 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने भाजपा और केंद्र सरकार पर आरक्षण के मुद्दे को लेकर निशाना साधा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को कांग्रेस वॉर रूम में मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार गरीबों, पिछड़ों और दलितों को मिले आरक्षण को खत्म करने की दिशा में साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आरक्षण वंचित और पिछड़े वर्गों का संवैधानिक अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।

डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा ईडब्ल्यूएस के साथ दलित, पिछड़े और गरीब वर्गों को मिले आरक्षण को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यदि आरक्षण खत्म करने की मुहिम आगे बढ़ी तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और सड़क पर उतरकर विरोध करेगी। उन्होंने जनता से भी इस मुद्दे पर सतर्क रहने की अपील की।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों युवा दिल्ली के जंतर-मंतर पर 35 दिनों तक धरने पर बैठे रहे, लेकिन सरकार ने उनसे बातचीत नहीं की। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल पर बैठने का भी उल्लेख किया। डोटासरा का आरोप था कि आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठी, गोली और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जबकि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों के जंतर-मंतर पर बैठने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उनसे बातचीत करने पहुंच गए।

डोटासरा ने भाजपा के आरक्षण संबंधी रुख को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि दलित, पिछड़े और गरीब वर्गों को मिलने वाले आरक्षण पर किसी भी तरह का खतरा लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के लिए गंभीर विषय होगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा का धर्म और जाति का एजेंडा अब कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने ईडी और सीबीआई के इस्तेमाल को लेकर भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। डोटासरा ने कहा कि परिसीमन को लेकर भी केंद्र सरकार जल्दबाजी में है, लेकिन उसके कई राजनीतिक एजेंडे सफल नहीं हो रहे हैं और जनता अब सब समझ चुकी है।

निकाय चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर डोटासरा ने कहा कि सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के समन्वयकों को बैठकें करने के लिए भेजा गया था। समन्वयकों ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। करीब 90 फीसदी विधानसभा क्षेत्रों में विधायकों, विधानसभा प्रत्याशियों, सांसदों और अन्य वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि शेष सीटों पर भी जल्द सहमति बनाई जाएगी। जिन विधानसभा क्षेत्रों में टिकट को लेकर विवाद है, वहां वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, भंवर जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी और सीपी जोशी सहित वरिष्ठ नेताओं से भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

डोटासरा ने कहा कि निकाय चुनाव में कांग्रेस युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी। युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई सहित पार्टी के विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों से कई नाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जनता के बीच सक्रिय और संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को अवसर दिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट का आधार ‘जिताऊ और टिकाऊ’ चेहरा होगा। केवल सिफारिश के आधार पर टिकट नहीं दिया जाएगा, बल्कि प्रत्याशी की जनता के बीच पकड़ और चुनाव जीतने की क्षमता को भी देखा जाएगा। डोटासरा ने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है और इस बार निकाय चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और जयपुर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है।

जयपुर की व्यवस्थाओं पर जूली ने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सफाई व्यवस्था, सड़कों, सीवर और जलभराव को लेकर उन्होंने सरकार और नगर निगम पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि थोड़ी बारिश में ही शहर में जलभराव, यातायात जाम और सीवर लाइन चोक होने जैसी स्थिति सामने आ जाती है। जूली ने दावा किया कि आगामी चुनाव में जयपुर नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा।

पाली में भाजपा को झटका, राकेश भाटी कांग्रेस में शामिल

इधर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह जिले पाली में पार्टी को झटका लगा है। पाली नगर परिषद के पांच बार पार्षद रहे राकेश भाटी शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस वॉर रूम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

राकेश भाटी पाली नगर परिषद में पार्षद रहने के अलावा उपसभापति और सभापति भी रह चुके हैं। वे पाली भाजपा के जिला महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी रेखा भाटी पाली नगर परिषद की निवर्तमान सभापति रही हैं। निकाय चुनाव से ठीक पहले उनके कांग्रेस में शामिल होने को पाली में भाजपा के लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश