(अपडेट ) निकाय चुनाव:प्रचार के आखिरी दिन जीत के लिए प्रत्याशियों ने लगाया पूरा जोर
जयपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के मतदान वाले क्षेत्रों में सोमवार शाम छह बजे चुनाव प्रचार थम गया। प्रचार के अंतिम दिन भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य दलों के प्रत्याशियों और नेताओं ने रैलियों, सभाओं और जनसंपर्क के जरिए पूरी ताकत झोंकी। अब सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, लाउडस्पीकर और सामूहिक प्रचार पर रोक रहेगी। प्रत्याशी सीमित समर्थकों के साथ घर-घर जाकर व्यक्तिगत संपर्क कर मतदान की अपील कर सकेंगे।
आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मतदान से 48 घंटे पहले बाहरी राजनीतिक नेताओं और ऐसे कार्यकर्ताओं के क्षेत्र में रहने पर भी रोक प्रभावी हो जाती है, जो संबंधित क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं और प्रचार के लिए आए हैं। ऐसे लोगों को क्षेत्र छोड़ना होगा। प्रशासन और पुलिस उनकी आवाजाही पर निगरानी रखेंगे। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा सकेगी।
जयपुर जिले के 18 निकायों में बुधवार 9 सितंबर को पहले चरण का मतदान होगा। इनमें नगर परिषद चौमूं व शाहपुरा तथा नगर पालिका दूदू, किशनगढ़-रेनवाल, जोबनेर, बस्सी, सांभरलेक, वाटिका, चाकसू, जमवारामगढ़, फागी, नारायणा, फुलेरा, मनोहरपुर, बगरू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा शामिल हैं।
मतदान की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ईवीएम की कमीशनिंग सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक की निगरानी में पूरी कर ली गई। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, ईवीएम और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
वहीं 18 निकायों के लिए मतदान दल मंगलवार 8 सितंबर को सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन परिसर से रवाना होंगे। पोलिंग पार्टियों को सुबह 11 बजे रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। दो चरणों में रवानगी के बाद दल ईवीएम और चुनाव सामग्री के साथ निर्धारित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाएं संभालेंगे।
मतदान समाप्त होने के बाद पोलिंग पार्टियों को ईवीएम जमा कराने के लिए भवानी निकेतन वापस नहीं आना होगा। वे सीधे निर्धारित मतदान एवं मतगणना केंद्रों पर ईवीएम जमा कराएंगे।
साथ ही 9 सितंबर को मतदान वाले निकाय क्षेत्रों में राज्य सरकार की ओर से स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। वहीं सोमवार शाम छह बजे से 9 सितंबर शाम छह बजे तक संबंधित क्षेत्रों में सूखा दिवस रहेगा और शराब की बिक्री पर रोक होगी।
इधर मतदान के लिए निर्वाचन फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके अभाव में मतदाता आधार कार्ड, वीबी-जी राम जी मनरेगा कार्ड, बैंक/डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड/आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र या राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनी का फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसद या विधायक का सरकारी पहचान पत्र तथा यूडीआईडी कार्ड में से किसी एक का मूल दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे।
इनमें वही दस्तावेज मान्य होंगे, जो संबंधित निर्वाचन की लोक सूचना जारी होने की तिथि से पहले जारी किए गए हों। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने मतदाताओं से मतदान के समय पहचान संबंधी मूल दस्तावेज साथ लाने की अपील की है, ताकि मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश