निकाय चुनाव: नामांकन में खुली प्रत्याशियों की संपत्ति

 




जयपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम चुनाव में वार्ड पार्षद बनने के लिए मैदान में उतरे प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला भले ही मतदाता करेंगे, लेकिन नामांकन के साथ दाखिल किए गए हलफनामों ने उनकी आर्थिक स्थिति की तस्वीर पहले ही सामने ला दी है। प्रत्याशियों की ओर से घोषित संपत्ति के आंकड़ों में कहीं करोड़ों की चल-अचल संपत्ति है तो कहीं प्रत्याशी लाखों की संपत्ति के साथ चुनाव मैदान में हैं। खास बात यह है कि कई प्रत्याशियों की तुलना में उनकी पत्नी के नाम अधिक संपत्ति दर्ज है। कहीं पत्नी की चल संपत्ति पति से दोगुनी से भी अधिक है तो कहीं दंपती की कुल संपत्ति में करोड़ों की अचल संपत्ति सबसे बड़ा हिस्सा है। हलफनामों में सोने-चांदी के जेवर और वाहनों का ब्यौरा भी प्रत्याशियों की आर्थिक स्थिति की अलग तस्वीर पेश करता है।

महापौर की दौड़ में शामिल प्रमुख दावेदारों में वार्ड 112 के भाजपा प्रत्याशी सुनील कोठारी सबसे अधिक संपत्ति वाले प्रत्याशियों में सामने आए हैं। उनके नाम 25.71 करोड़ रुपए की चल और 10.16 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उनके पास तीन वाहन हैं। पत्नी के नाम 10.26 करोड़ रुपए की चल और 4.46 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति के साथ 2.69 करोड़ रुपए के जेवर हैं। इस तरह दंपती की घोषित चल-अचल संपत्ति 50.59 करोड़ रुपए है।

वहीं वार्ड 43 से भाजपा प्रत्याशी शैलेंद्र भार्गव ने 94.61 लाख रुपए की चल और 55 लाख रुपए की अचल संपत्ति घोषित की है। उनके पास 80 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी है। पत्नी के नाम 1.55 करोड़ रुपए की चल और 1.25 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। दोनों की घोषित संपत्ति करीब 4.30 करोड़ रुपए है। भार्गव भाजपा की ओर से महापौर के दावेदारों में भी शामिल हैं।

इसी तरह वार्ड 76 से भाजपा प्रत्याशी और पिछले कार्यकाल में डिप्टी मेयर रह चुके पुनीत कर्नावट की 1.12 करोड़ रुपए की चल और 1.22 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उनके पास 580 ग्राम सोना और एक वाहन है। पत्नी के नाम 2.17 करोड़ रुपए की चल संपत्ति और 980 ग्राम सोना घोषित किया गया है। कर्नावट भी महापौर की दौड़ में शामिल हैं।

इसके अलावा वार्ड 110 से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल के पास 98 लाख रुपए की चल संपत्ति, 450 ग्राम सोना और 2.5 किलो चांदी है। पति के नाम 25.92 लाख रुपए की चल और 3 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति तथा एक वाहन है। ज्योति खंडेलवाल को भी महापौर पद के प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है।

इधर वार्ड 112 से कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा ने 29.18 लाख रुपए की चल संपत्ति घोषित की है। उनके पास 50 ग्राम सोना और एक वाहन है। पत्नी के नाम 21.45 लाख रुपए की चल और 8 लाख रुपए की अचल संपत्ति है। उनके पास 100 ग्राम सोना और दो किलो चांदी है।

वार्ड 43 से कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा ने 31 लाख रुपए की चल संपत्ति घोषित की है, जबकि पत्नी के नाम 5.95 लाख रुपए की चल संपत्ति है। दोनों के नाम क्रमश: 10 और 20 ग्राम सोना दर्ज है।

वार्ड 76 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप जैन के पास 5.55 लाख रुपए की चल और 24.42 लाख रुपए की अचल संपत्ति है। उनके पास दो वाहन और 1.25 लाख रुपए के जेवर हैं। पत्नी के नाम 90.89 लाख रुपये की चल संपत्ति और 58.42 लाख रुपए के जेवर हैं। यहां भी पत्नी की घोषित चल संपत्ति पति की तुलना में काफी अधिक है।

वार्ड 110 से कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मैथी के पास 1.19 करोड़ रुपए की चल संपत्ति, 700 ग्राम सोना और 5 किलो चांदी है। पति के नाम 34.65 लाख रुपए की चल संपत्ति और 200 ग्राम सोना घोषित किया गया है।

वार्ड 98 से भाजपा प्रत्याशी सुभाष सिंघी ने महज 2.68 लाख रुपए की संपत्ति घोषित की है। उनके पास कोई वाहन नहीं है। इसी वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार शर्मा के नाम 12 लाख रुपए की चल और 2 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उनके पास दो वाहन हैं। पत्नी के नाम 6.30 लाख रुपए की चल और 7.50 लाख रुपए की अचल संपत्ति है।

वार्ड 100 से निर्दलीय मनोज मुदगल ने 13.15 लाख रुपए की चल और 54.88 लाख रुपए की अचल संपत्ति घोषित की है। पत्नी के नाम 52.77 लाख रुपए की चल और 1.41 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है।

वहीं भाजपा प्रत्याशी रविशंकर शर्मा के नाम 91.95 लाख रुपए की चल और 2.24 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। पत्नी के नाम 50 लाख रुपए की चल और 1.63 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति घोषित है। कांग्रेस प्रत्याशी दुर्गेश शर्मा ने 54.36 लाख रुपए की चल और 4 लाख रुपए की अचल संपत्ति का हलफनामा दिया है।

इस तरह नामांकन हलफनामों से साफ है कि नगर निगम चुनाव में प्रत्याशियों की आर्थिक हैसियत में बड़ा अंतर है। करोड़ों की संपत्ति वाले प्रत्याशियों के साथ लाखों की संपत्ति वाले उम्मीदवार भी मतदाताओं के बीच अपनी जगह बनाने के लिए मैदान में हैं। सोना-चांदी, वाहन, जमीन और अन्य अचल संपत्तियों के आंकड़े चुनावी मुकाबले के साथ प्रत्याशियों की आर्थिक पृष्ठभूमि भी सामने रख रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश