होली से पहले ही रंगों में रंगा शहर: खरीदारी ने पकड़ी रफ्तार

 








जयपुर, 27 फ़रवरी (हि.स.)। रंगों के पर्व होली के अवसर पर शहर के बाजार सजने लगे हैं। परकोटा, जौहरी बाजार,चौड़ा रास्ता सहित विभिन्न प्रमुख बाजारों में गुलाल, हर्बल रंग, पिचकारियों और सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दे रही है। दुकानदारों ने भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई-नई वैरायटी बाजार में उतारी है।

इस बार बाजार में पारंपरिक गुलाल और गोटे के साथ-साथ क्लाउड सिलेंडर, कलर स्प्रे, कार्टून थीम पिचकारी और बच्चों के लिए सुपरहीरो डिजाइन की पिचकारियां खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। दुकानदारों का कहना है कि हर्बल और त्वचा के अनुकूल रंगों की मांग पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बढ़ी है। लोग रसायनयुक्त रंगों से दूरी बनाते हुए प्राकृतिक और ऑर्गेनिक रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

पिचकारियों की भी बाजार में भरपूर वैरायटी उपलब्ध है। 15 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक की पिचकारियां बाजार में मिल रही हैं। छोटे बच्चों के लिए टैंक वाली पिचकारी, बैकपैक स्टाइल वाटर गन और फैंसी डिजाइन की पिचकारियां खूब पसंद की जा रही हैं। इसके अलावा रंग-बिरंगे गुब्बारे,अबीर,टोपी, टी-शर्ट और होली से जुड़े सजावटी सामान भी दुकानों पर सजे हैं।

दुकानदार रमेश अग्रवाल के अनुसार इस बार कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हुई है,लेकिन ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। कई व्यापारियों ने बताया कि त्योहार नजदीक आते ही बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। वहीं इस बार होली पर कई नए ट्रेंड सामने आए हैं। खास तौर पर सफेद रंग की कस्टमाइज्ड टी-शर्ट युवाओं की पहली पसंद बनी हुई है। युवा अपने नाम, ग्रुप का नाम, स्लोगन या विशेष संदेश प्रिंट करवा रहे हैं। हैप्पी होली और बुरा न मानो होली है जैसे संदेशों वाली टी-शर्ट 50 से 300 रुपये तक की रेंज में बिक रही हैं। सफेद परिधानों पर रंगों की चमक अधिक उभरकर दिखाई देती है और फोटो भी आकर्षक आती है, यही वजह है कि युवाओं में इसका क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। कई ग्राहक पहले से ही अपने पसंदीदा डिजाइन की बुकिंग करवा रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के मुखौटों की मांग में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। बाजार में स्पाइडरमैन,गोरिल्ला और शेर जैसे आकर्षक मुखौटे 25 से 100 रुपये की रेंज में उपलब्ध हैं। रंग-बिरंगी विग, चश्मे और अन्य फैंसी सामग्री भी बच्चों और युवाओं को आकर्षित कर रही है। होली के हुड़दंग में पहचान छुपाकर मस्ती करने की परंपरा के चलते मुखौटों का खास उत्साह देखा जा रहा है।

दुकानदार अशोक खण्डेवाल का कहना है कि पहले लोग सामान्य कपड़ों में होली खेलते थे,लेकिन अब कस्टमाइज्ड परिधानों का चलन तेजी से बढ़ा है। दोस्ती, मस्ती और त्योहार से जुड़े संदेशों वाली टी-शर्ट और कुर्तियां लोगों को लुभा रही हैं। युवाओं का मानना है कि अब होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि फैशन और अलग पहचान का भी माध्यम बन गई है। वहीं महिलाओं और युवतियों के लिए हल्के और आकर्षक डिजाइन की पारंपरिक कुर्तियां भी इस बार खास पसंद की जा रही हैं। होली के अवसर पर आरामदायक और स्टाइलिश परिधान खरीदने पर जोर दिया जा रहा है। बच्चों के लिए रंग-बिरंगी पिचकारियां, कार्टून थीम आधारित परिधान और अन्य होली सामग्री भी बाजार में उपलब्ध है।

उधर अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद खरीदने पर जोर दे रहे हैं। चिकित्सकों ने भी त्वचा और आंखों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने तथा हर्बल रंगों का ही उपयोग करने की सलाह दी है।

त्योहार को लेकर बाजारों में चहल-पहल बढ़ने से व्यापारियों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं और शहर में होली का उल्लास धीरे-धीरे रंग जमाने लगा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश