चूरू-सादुलपुर (58 किलोमीटर) रेलमार्ग पूरी तरह दोहरीकृत : रिकार्ड समय में दोहरीकरण कार्य को किया पूरा

 


बीकानेर, 29 अप्रैल (हि.स.)। रेल यात्रियों की संख्या तथा व्यस्त मार्गो को ध्यान में रखते हुए रेलवे पर महत्वपूर्ण मार्गो के दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है, जिससे अधिक रेलसेवाओं का संचालन किया जा सके ताकि यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा प्राप्त हो, अधिक ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित हो एवं समय की बचत हो। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विलक्षण स्थापत्य के साथ धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चूरू-सादुलपुर (58 किलोमीटर) रेलमार्ग के मध्य दोहरीकरण कार्य पूरा किया गया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार अमिताभ, महाप्रबंधक-उत्तर पश्चिम रेलवे के निर्देशानुसार दूधवाखारा-सादुलपुर (30 किलोमीटर) रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा इस रेलखड़ को रेल संचालन के लिए अनुमोदित किया गया है। इस दोहरीकरण कार्य के साथ ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और विद्युतीकरण कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए है। इसके साथ ही 58 किलोमीटर लंबे चूरू-सादुलपुर खंड का संपूर्ण दोहरीकरण कार्य, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और विद्युतीकरण कार्य सहित, मात्र 2 वर्ष 3 महीने में पूरा कर लिया गया है। इस मार्ग के दोहरीकरण से लाइन केपसिटी और मोबिलिटी में वृद्वि होगी एवं परिचालन और अधिक सुगम होगा। इस दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत पांच स्टेशनों पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म तथा 3 सब-वे का भी निर्माण किया गया है। इस रेलमार्ग पर ट्रैक को 130 किमी प्रति घंटे की गति क्षमता के अनुसार तैयार किया गया है।

चूरू-सादुलपुर (58 किलोमीटर) रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य 2023-24 में 469 करोड़ रूपए की लागत के साथ स्वीकृत किया गया था जिसे लगभग 2 वर्ष के रिकार्ड समय में पूरा किया गया है। इसके साथ ही यह उल्लेखनीय है कि चूरू-रतनगढ़ (43 किलोमीटर) रेलमार्ग के दोहरीकरण कार्य को भी 2 वर्ष में ही पूरा किया गया था। इस प्रकार उत्तर पश्चिम रेलवे के 2 महत्वूपर्ण रेलमार्गों के दोहरीकरण का कार्य लगातार 2 वर्षों में पूरा किया गया है। रतनगढ़ से चूरू होकर सादुलपुर तक रेलमार्ग के दोहरीकृत होने के बाद यह रेलमार्ग, राजस्थान, हरियाणा व अन्य उत्तर भारतीय राज्यों के साथ तीव्र रेल संचालन वाला महत्वपूर्ण रेल मार्ग बन जाएगा। दोहरीकरण के कार्य से इस क्षेत्र में व्यापारिक व सामाजिक सम्बन्ध प्रगाढ़ होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव