चित्तौड़गढ़ में पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य व उद्योग पर फोकस, ‘पंच गौरव’ के तहत विकास होगा प्राथमिकता: जिला कलेक्टर
चित्तौड़गढ़, 10 अप्रैल (हि.स.)। चित्तौड़गढ़ जिले में पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्रों के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए ठोस प्रयास किए जाएंगे। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने पदभार ग्रहण करने के बाद शुक्रवार को मीडियाकर्मियों से पहली बार बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जिले में ऐतिहासिक धरोहरों के कारण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
जिला कलेक्टर ने बताया कि विश्व विरासत में शामिल चित्तौड़ दुर्ग, सांवलियाजी सहित अन्य प्रमुख स्थल पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र हैं। इन स्थलों के बेहतर विकास और प्रचार-प्रसार से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने ‘पंच गौरव’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए वन, पर्यटन, कृषि, उद्योग और खेल क्षेत्रों में नवाचार पर विशेष जोर देने की बात कही।
स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित सांवलियाजी अस्पताल सहित अन्य सरकारी चिकित्सालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को अधिक से अधिक निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कलक्टर ने सांवलिया और निम्बाहेड़ा जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया, जहां शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को संतोषजनक बताया, जबकि अन्य क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता जताई। साथ ही अस्पतालों में कार्यरत ठेका कर्मियों के लंबित भुगतान को शीघ्र करने के निर्देश भी दिए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में संचालित प्रमुख औद्योगिक इकाइयों जैसे हिन्दुस्तान जिंक, सीमेंट उद्योगों के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड का उपयोग विकास कार्यों में प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही इन उद्योगों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के अवसर बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने शहर में अवैध अतिक्रमण और कब्जों की समस्या पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नगर परिषद के साथ समन्वय कर इस दिशा में ठोस कार्यवाही की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल