(अपडेट) मुख्यमंत्री का जनसंपर्क, खेत में किसानों संग की निराई-गुड़ाई, चाय चौपाल में सुनी समस्याएं और दी विकास कार्यों की सौगात
जयपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नागौर जिले के डेगाना उपखंड स्थित तिलानेश गांव में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह प्रातः भ्रमण कर ग्रामीणों के बीच पहुंचकर आत्मीय संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने खेतों में जाकर किसानों के साथ निराई-गुड़ाई की, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा गांव की चौपाल पर चाय के साथ चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री के सहज और आत्मीय व्यवहार से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
प्रातः भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले खेतों में पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों के साथ फसलों का निरीक्षण किया और खेती की वर्तमान स्थिति, सिंचाई व्यवस्था, कृषि लागत तथा उत्पादन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्वयं खेत में उतरकर किसानों के साथ निराई-गुड़ाई की और कृषि कार्यों में हाथ बंटाया। मुख्यमंत्री ने किसानों से उन्नत कृषि तकनीकों के साथ प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और जैविक पद्धतियों के समन्वय से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
उन्होंने किसानों से राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की भी अपील की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री गांव की गलियों में पैदल चलते हुए घर-घर पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने महिलाओं से स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, आजीविका और राजीविका योजनाओं के बारे में चर्चा की। युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों पर बातचीत की, जबकि बुजुर्गों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार किया, उन्हें चॉकलेट वितरित की और उनकी पढ़ाई तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली। गांव के विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारिता शाखाओं का विस्तार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जबकि राजीविका मिशन के माध्यम से लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में नई पहचान स्थापित कर रही हैं।
प्रातः भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत शिवसागर तालाब की पाल पर पौधारोपण किया। उन्होंने ग्रामीणों से प्रत्येक परिवार द्वारा तालाब की पाल पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
इसके बाद उन्होंने श्री चारभुजानाथ जी एवं वीर तेजाजी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
गांव की चौपाल पर ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के सुझाव सुने और तिलानेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने गांव में पुस्तकालय सह अटल ज्ञान केंद्र की स्थापना, रामसरी गांव से जोबनेर-बुटाटी राज्य राजमार्ग तक 1.18 करोड़ रुपये की लागत से डामर सड़क निर्माण तथा शिवसागर तालाब के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार की घोषणा की।
ग्रामीणों ने जलभराव सहित अन्य स्थानीय समस्याएं भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गांवों का समग्र विकास, किसानों की समृद्धि, महिलाओं का सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और आमजन का विश्वास जीतना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक अजय सिंह किलक, लक्ष्मणराम कलरू, रेवंतराम डांगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित