अजमेर दरगाह शरीफ में एक युवक के बड़ी देग में कूदने से मची अफरा-तफरी
मानसिक कमजोर निकला युवक, रुपए व गहने देख कूदा था देग में, खादिमों ने पीटा और फिर पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया
अजमेर, 10 मई (हि.स.)। अजमेर शरीफ दरगाह में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक दरगाह परिसर के अंदर बड़े कढ़ाई ('बड़ी देग') में कूद गया, युवक दरगाह की बड़ी देग में चढ़े चढ़ावे में से सूखे मेवे, रकम और गहने उठाकर जेब में रखने की कोशिश में था। इसी दौरान पूरी घटना दरगाह परिसर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अचानक कढ़ाई की ओर भागा, जबकि अटेंडेंट और स्टाफ ने उसे रोकने की कोशिश की। हालांकि, वे उसे रोक पाते, इससे पहले ही वह 'देग' में कूद गया।
सूत्रों ने बताया कि घटना के समय कढ़ाई के अंदर कैश चढ़ावा और ज्वेलरी मौजूद थी। घटना के बाद, दरगाह परिसर के अंदर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। दरगाह कमेटी के कर्मचारी तुरंत कढ़ाई वाले एरिया में घुसे और काफी कोशिश के बाद युवक को बाहर निकालने में कामयाब रहे। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि बचाने की कोशिश के दौरान कुछ स्टाफ मेंबर्स ने युवक की पिटाई भी की थी। इसी दौरान सूचना मिलने पर दरगाह थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। युवक को सुरक्षित अपने हिरासत में ले लिया। युवक के परिवारजनों की तलाश की गई। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि युवक के दिमागी तौर पर ठीक न होने, मानसिक स्थिति कमजोर होने पर उसे समझाकर व चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। इस घटना में किसी बड़े नुकसान या गंभीर चोट की खबर नहीं है।अभी तक किसी भी पार्टी ने पुलिस में कोई ऑफिशियल शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
उल्लेखनीय है कि अजमेर दरगाह की बड़ी देग देश की सबसे बड़ी देगों में मानी जाती है। इसे मुगल बादशाह अकबर ने चितौड़गढ़ विजय के बाद दरगाह में भेंट स्वरूप बनवाया था। इस देग में एक साथ 3 हजार 200 किलोग्राम लंगर तैयार किया जा सकता है। इसमें चावल, मेवे, दूध और शंकर से लंगर बनाया जाता है तथा उर्स के दौरान विशेष रूप से इसका उपयोग होता है। देग पकाए जाने के लिए लिए बुकिंग करानी होती है। यह बुकिंग दरगाह कमेटी के द्वारा की जाती है उसे समय दिया जाता है फिर देग पकाने वाले अपने निर्धारित समय पर आकर देग पकाते हैं जिसे बाद में जायरीन में तकसीम किया जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष