राजस्थान में आज सभी जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, चंबल खतरे के निशान के करीब

 




जयपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बुधवार को उदयपुर, अजमेर, करौली, जयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर के कुछ इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई। कई स्थानों पर 2 से 7 इंच तक पानी बरसा, जबकि जयपुर में एक इंच से अधिक बारिश हुई।

मौसम विभाग के अनुसार 14-15 अगस्त से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश उदयपुर जिले के सेमारी में 185 मिलीमीटर मापी गई। सलूंबर में 143, लसाड़िया में 133, झाडोल में 123, झालड़ा में 115, फलासिया में 115, सराड़ा में 110, कोटड़ा में 110 और कानोड़ में 70 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले 11 अगस्त शाम से 12 अगस्त सुबह तक चित्तौड़गढ़ के बस्सी और गंगरार में भी 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई थी।

बुधवार को टोंक, श्रीगंगानगर, प्रतापगढ़, कोटा, करौली, जोधपुर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर और सवाई माधोपुर में 2 इंच से अधिक बारिश हुई। बाड़मेर, झालावाड़, धौलपुर, दौसा और बूंदी सहित अन्य जिलों में भी करीब एक इंच तक पानी बरसा।

अच्छी बारिश के बाद बीसलपुर बांध में पानी पहुंचाने वाली त्रिवेणी नदी इस मानसून सीजन में पहली बार तेज बहाव के साथ बहती नजर आई। नदी का गेज 3 मीटर से ऊपर पहुंच गया है। इससे बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ने की उम्मीद है।

त्रिवेणी नदी का बहाव बांध के जलस्तर के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। लगातार बारिश और नदी में बढ़ते पानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने चंबल से सटे गांवों में अलर्ट जारी किया है। एक दिन में चंबल के जलस्तर में करीब 10 मीटर यानी लगभग 30 फीट की बढ़ोतरी मापी गई। प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी के आसपास नहीं जाने और सतर्क रहने की अपील की है।

राजधानी जयपुर में बुधवार को चार घंटे से अधिक समय तक बारिश हुई। जयसिंहपुरा खोर में मानबाग चौराहे के पास बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे पानी से भरे गड्ढे में टायर फंसने से निजी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में 15 से 20 लोग सवार थे। हादसे में करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए, जिन्हें एसएमएस अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

जयपुर एयरपोर्ट पर 29 मिलीमीटर और जेएलएन मार्ग पर दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक 34 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हुआ और करीब सात घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। दुर्गापुरा में एक बड़ा पेड़ भी गिर गया। आमेर और नाहरगढ़ के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद झरने बहने लगे।

प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई शहरों के दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। बाड़मेर, उदयपुर, जोधपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा और सिरोही में अधिकतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस बीकानेर में मापा गया।

जैसलमेर के रामगढ़ में बुधवार रात करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई।

वहीं बांसवाड़ा में मूसलाधार बारिश के बाद आजाद चौक क्षेत्र में सड़क पर पानी नदी की तरह बहता रहा। झुंझुनूं में तेज बहाव के कारण दुकानों के बाहर खड़ी बाइक और अन्य सामान भी पानी में बहने लगा।

सीकर में बुधवार को करीब आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। यहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 25.9 डिग्री सेल्सियस मापा गया। जोधपुर में भी बुधवार दोपहर कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में लो-प्रेशर सिस्टम मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय है। इसके प्रभाव से गुरुवार को राजस्थान के लगभग सभी हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मौसम के धीरे-धीरे साफ होने के आसार हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी 14-15 अगस्त से बारिश का दौर कमजोर पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित