ऊंटनी का दूध पोषण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे सकता है नई दिशा : डॉ. पूनिया
बीकानेर, 3 जून। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी) में विश्व दुग्ध दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने गैर-गोवंशीय दुग्ध, विशेष रूप से ऊंटनी के दूध की पोषणीय और आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
केन्द्र निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने कहा कि भारत का वार्षिक दुग्ध उत्पादन 248 मिलियन टन से अधिक है और वैश्विक दुग्ध उत्पादन में देश की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि भविष्य की दुग्ध अर्थव्यवस्था में पारंपरिक स्रोतों के साथ-साथ गैर-गोवंशीय दुग्ध की संभावनाओं को भी शामिल करना होगा। ऊंटनी, बकरी तथा अन्य पशुओं से प्राप्त दूध पोषण, स्वास्थ्य और फंक्शनल फूड के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊंटनी का दूध अपने विशिष्ट पोषणीय एवं औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व रखता है।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता एवं भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई), करनाल के संयुक्त निदेशक (अकादमिक) डॉ. आशीष कुमार सिंह ने वर्चुअल माध्यम से “परंपरा से नवाचार तक : आधुनिक विश्व में गैर-गोवंशीय दुग्ध” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक डेयरी क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है तथा बकरी और ऊंट जैसे पशुओं का दूध पोषण, स्वास्थ्य और ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डेयरी प्रौद्योगिकी एवं प्रसंस्करण इकाई के प्रभारी तथा आयोजन सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि गैर-गोवंशीय दूध से जुड़े व्यावहारिक एवं नीतिगत विषयों पर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यशाला में एनआरसीसी, राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजुवास) बीकानेर, एनडीआरआई करनाल, गड़वासु लुधियाना सहित विभिन्न संस्थानों के 80 से अधिक प्रतिभागियों ने वर्चुअल रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्याम सुंदर चौधरी एवं डॉ. मितुल बुंबडिया ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि डॉ. श्रीशैलम ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट के ‘खेत बचाओ अभियान’ से संबंधित वीडियो संदेश और जन-जागरूकता अपील का भी प्रदर्शन किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव