दिव्यांग कोटे की नौकरी के लिए भाई बना ‘डमी’
जयपुर, 08 अगस्त (हि.स.)। जयपुर में दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर ग्राम विकास अधिकारी की सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मेडिकल जांच के दौरान अभ्यर्थी ने अपनी जगह अपने हमशक्ल दिव्यांग भाई को मेडिकल बोर्ड के सामने पेश कर दिया। दोनों भाइयों की शक्ल-कद काठी काफी मिलती-जुलती बताई जा रही है। मामले में सवाई मानसिंह अस्पताल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएमएस थाना पुलिस के एसआई सूरजमल ने बताया कि सीकर एससी/एसटी सेल के हेड कांस्टेबल गणपत सिंह की ओर से मामला दर्ज कराया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने संबंधी शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में इसकी जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि झुंझुनूं के खेतड़ी निवासी शेर सिंह ने दिव्यांग कोटे से ग्राम विकास अधिकारी की नौकरी हासिल की है। शेर सिंह का हाल ही में मोकलवास तबादला हुआ था और उसने दो दिन पहले ही वहां ज्वाइन किया था। ऐसे में वहां के अधिकांश कर्मचारी उसे पहचानते नहीं थे। इससे पहले सीकर में उसकी बायोमेट्रिक जांच हो चुकी थी, जिसमें शेर सिंह खुद मौजूद हुआ था।
पुलिस के अनुसार 3 अगस्त को मेडिकल जांच के लिए शेर सिंह की जगह उसका भाई हवा सिंह पहुंचा। दोनों भाइयों की शक्ल और कद काठी एक जैसी बताई जा रही है। दोनों के दाहिने पैर में दिव्यांगता है। सिर पर बाल भी कम हैं और दोनों एक ही तरह की टोपी पहनते हैं।
आरोप है कि हवा सिंह मेडिकल जांच के दौरान वही कपड़े पहनकर पहुंचा, जो शेर सिंह ने बायोमेट्रिक जांच के दौरान पहने थे। हालांकि मेडिकल बोर्ड के दिन ज्वाइनिंग कराने वाले रामानुज को उसे देखकर संदेह हुआ।
संदेह होने पर उप अधीक्षक नरेश कुमार और पुलिसकर्मी गणपत सिंह ने उससे नौकरी और कामकाज से जुड़े सवाल किए। पूछताछ में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद जांच में सामने आया कि मेडिकल कराने वाला व्यक्ति शेर सिंह नहीं, बल्कि उसका भाई हवा सिंह है।
मामला सामने आने के बाद सवाई मानसिंह अस्पताल थाना पुलिस में मेडिकल जांच के दौरान फर्जी अभ्यर्थी को पेश करने का मामला दर्ज कराया गया। पुलिस अब दिव्यांग प्रमाण पत्र, मेडिकल रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक जांच और नौकरी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश