अधिवक्ताओं ने किया न्यायिक कार्यों का बहिष्कार
शनिवार को कार्य दिवस घोषित करने का जताया विरोध
जोधपुर, 02 मई (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय से जुड़े वकीलों के प्रमुख संगठनों ने हर महीने के पहले और चौथे शनिवार को कार्य दिवस घोषित करने के मुद्दे को लेकर शनिवार को स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार किया। वकीलों ने हाईकोर्ट की ओर से 20 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना का विरोध जताया।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि लंबित मामलों के निस्तारण के नाम पर कार्य दिवस बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि ऐसी व्यवस्था स्वैच्छिक होनी चाहिए, न कि अनिवार्य।
अधिवक्ताओं का कहना है कि मुख्य न्यायाधीश से मिलकर इस संबंध में आपत्ति भी दर्ज करा चुके हैं। इस मुद्दे पर गठित कमेटी की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं होने पर वकीलों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिसूचना पर पुनर्विचार, कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, विरोध जारी रखने की बात कही है।
बता दें कि सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की मौजूदगी में हाईकोर्ट की फुल बेंच ने हर महीने के पहले और चौथे शनिवार को कार्यदिवस की घोषणा की है। इसके बाद से ही अधिवक्ता शनिवार को कार्यदिवस का विरोध कर रहे है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश