नमक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम: भूखंड आवंटन अब ई-ऑक्शन से

 


जयपुर, 14 जून (हि.स.)। राज्य सरकार ने नमक उद्योग को प्रोत्साहन देने और नमक उत्पादकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने के लिए भूखंड आवंटन संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इसके तहत राजस्थान (लवण क्षेत्रों में भूखंड आवंटन) संशोधन नियम, 2026 जारी किए गए हैं। नए नियमों से नमक उद्योग में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

नए नियमों के अनुसार अब नमक उत्पादन के लिए भूखंडों का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। इससे पहले यह प्रक्रिया लॉटरी प्रणाली के जरिए संचालित होती थी। संशोधित नियमों में अपील की व्यवस्था, नमक इकाइयों के वर्गीकरण तथा अन्य प्रशासनिक प्रावधानों को भी शामिल किया गया है।

सरकार के अनुसार जिन जिलों में नमक उत्पादन के लिए लवणीय भूमि उपलब्ध है, वहां अब सर्वे, सीमांकन और भूखंडों के मापन के बाद आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इससे नए लवण क्षेत्रों में नमक उद्योग के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।

पूर्व नियमों में लीज समाप्त होने के चार वर्ष बाद नवीनीकरण का कोई प्रावधान नहीं था, जिसके कारण करीब 300 नमक उत्पादक इकाइयां लीज नवीनीकरण से वंचित रह गई थीं। इससे उद्योग से जुड़े उद्यमियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

राज्य सरकार ने ऐसे मामलों में राहत देते हुए प्रभावित इकाइयों को 6 माह की एकमुश्त छूट देने का निर्णय लिया है। इस अवधि के दौरान इकाइयां अपनी लीज का नवीनीकरण करा सकेंगी। इससे न केवल नमक उत्पादकों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

नए नियम लागू होने के बाद नए लवण क्षेत्रों में भूखंड आवंटन की प्रक्रिया आसान होगी, जिससे इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना है। सरकार का मानना है कि नमक उद्योग के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश