गहलोत अपने घर की खींचतान देखें, भाजपा पर टिप्पणी करना उचित नहीं: मदन राठौड़
जयपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत अपनी पार्टी की आंतरिक खींचतान और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा पर अनावश्यक टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित और संगठित पार्टी है, जहां प्रत्येक नेता अपनी जिम्मेदारी के साथ विचार रखता है।
राठौड़ ने कहा कि गहलोत को भाजपा के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, जहां आज भी नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत के कार्यकाल में कुर्सी को लेकर खींचतान जगजाहिर रही और सरकार बचाने के लिए उन्हें होटलों में विधायकों को ठहराना पड़ा। उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे भाजपा की वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं तथा पार्टी में उनके योगदान और नेतृत्व को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं है। इस विषय पर गहलोत का बयान राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भारत की विदेश नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमेशा से मजबूत, संतुलित और राष्ट्रीय हितों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक सशक्त नेतृत्व के रूप में स्थापित है और इसकी सराहना पूरी दुनिया कर रही है। पाकिस्तान जैसे देश का उदाहरण देकर भारत की भूमिका पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे देश की छवि प्रभावित होती है।
राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में एकजुटता के दावे पूरी तरह खोखले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली और सचिन पायलट के बीच नेतृत्व और वर्चस्व को लेकर लगातार खींचतान चल रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता सार्वजनिक मंचों पर भले ही एकजुटता दिखाने का प्रयास करें, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पार्टी गुटबाजी से जूझ रही है, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा है। राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अधिकांश समय अपनी कुर्सी बचाने में बिताया और चुनावी वर्ष में की गई घोषणाएं भी पूरी नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि गहलोत को पहले अपनी पार्टी को संभालना चाहिए, जबकि भाजपा पूरी तरह एकजुट है और उसका प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन के साथ खड़ा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश