वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने संभाली महंगाई की रफ्तार : डॉ. मनीषा सिंह

 


जयपुर, 20 मई (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने संतुलित आर्थिक नीति अपनाते हुए महंगाई को नियंत्रित रखने में सफलता हासिल की है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए ईंधन कीमतों का बोझ आम जनता पर सीमित रखा। उन्होंने बताया कि 23 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 के बीच कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 40 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि हुई, जबकि भारत में पेट्रोल केवल 3.2 प्रतिशत और डीजल 3.4 प्रतिशत ही महंगा हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने लगभग 76 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का पूरा भार उपभोक्ताओं पर नहीं डाला।

डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार ने चरणबद्ध तरीके से सीमित मूल्य वृद्धि कर महंगाई के असर को नियंत्रित रखा। 15 मई को तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी पिछले चार वर्षों में पहली बड़ी वृद्धि रही। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। स्वदेशी उत्पादन, डिजिटल भुगतान और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलने से भारत वैश्विक संकट के दौर में भी मजबूत स्थिति में खड़ा है। डिजिटल इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज डिजिटल भुगतान व्यवस्थाओं वाले देशों में शामिल है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।

डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि ईंधन कीमतों का असर परिवहन, कृषि, खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है। ऐसे में सरकार की नियंत्रित मूल्य वृद्धि नीति से आम लोगों को राहत मिली है। उन्होंने नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की अपील भी की।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश