निकाय-पंचायत चुनावों से पहले भाजपा ने कसी कमर, ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ का मंत्र

 




भीलवाड़ा, 12 अगस्त (हि.स.)। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जीत के बाद भाजपा ने अब निकाय एवं पंचायतराज चुनावों को लेकर भीलवाड़ा में सियासी मोर्चेबंदी तेज कर दी है। भाजपा जिला कार्यालय में बुधवार को हुई संगठनात्मक बैठक में पार्टी ने साफ संकेत दे दिए कि आगामी चुनावों में बूथ से लेकर वार्ड और निकाय स्तर तक संगठन को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतारा जाएगा। बैठक में चुनावी रणनीति के साथ कांग्रेस को राजनीतिक रूप से घेरने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर जोर रहा।

अजमेर संभाग चुनाव प्रभारी एवं राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के मुख्य आतिथ्य, सह प्रभारी एवं पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया, पूर्व सांसद देवजी पटेल के विशिष्ट आतिथ्य तथा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले के प्रमुख नेताओं और पदाधिकारियों ने आगामी चुनावों की तैयारियों का खाका खींचा।

बैठक में जिला सह प्रभारी मिट्ठूलाल जाट, विधायक उदयलाल भडाना, जब्बरसिंह सांखला और लालाराम बैरवा, पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर, पूर्व विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी व बालुलाल चौधरी, बद्रीप्रसाद गुरुजी तथा पूर्व महापौर राकेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता मंचासीन रहे।

संभाग चुनाव प्रभारी अरुण चतुर्वेदी ने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी का मूल मंत्र देते हुए कहा कि ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता।’ उन्होंने कहा कि निकाय और पंचायत चुनाव केवल बड़े नेताओं के भरोसे नहीं, बल्कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की सक्रियता से जीते जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक जिला, निकाय और वार्ड स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति कर चुनाव प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने-अपने वार्ड और क्षेत्रों में सक्रिय होने, लगातार जनसंपर्क करने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन अब केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने के बजाय लगातार जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। चतुर्वेदी ने कार्यकर्ताओं को संकेत दिया कि संगठन में उनकी सक्रियता और प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि चुनावी रणनीति को व्यापक सामाजिक आधार मिल सके।

बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने आगामी चुनावों को लेकर पार्टी के तेवर साफ कर दिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद अब निकाय एवं पंचायतराज चुनावों में भी जिले को कांग्रेस मुक्त करने के लक्ष्य के साथ भाजपा मैदान में उतरेगी। मेवाड़ा के इस बयान ने बैठक के राजनीतिक एजेंडे को और स्पष्ट कर दिया। यानी भाजपा अब स्थानीय चुनावों को महज नगर निकाय या पंचायतों की लड़ाई के रूप में नहीं, बल्कि जिले में कांग्रेस के राजनीतिक प्रभाव को और कमजोर करने के अवसर के रूप में देख रही है। भाजपा की रणनीति में एक तरफ सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को चुनावी मुद्दा बनाने पर जोर है, तो दूसरी ओर संगठन के बूथ नेटवर्क को मजबूत कर कांग्रेस के पारंपरिक प्रभाव वाले क्षेत्रों में सेंध लगाने की तैयारी दिखाई दे रही है।

बैठक से यह भी संदेश गया कि आगामी स्थानीय चुनावों में भाजपा का सबसे बड़ा हथियार उसका संगठन और बूथ मैनेजमेंट होगा। वार्डवार प्रभारी, स्थानीय जनसंपर्क, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकार की योजनाओं का प्रचारकृइन सभी को एक साथ जोड़कर चुनावी अभियान तैयार किया जा रहा है। बैठक में जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, कन्हैयालाल जाट और प्रहलाद त्रिपाठी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद