राजस्थान के हर जिले में बनेगा आत्मनिर्भर गांव

 


जयपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। केंद्र व राज्य में भाजपा की डबल इंजन की सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की धरातल पर क्रियान्विति में अब भाजपा किसान मोर्चा भी अपनी अहम भूमिका अदा करेगा। इसके लिए भाजपा किसान मोर्चा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी ने नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना पेश की है। मोर्चा की इन गतिविधियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए मोर्चा का सोशल मीडिया, आईटी व मीडिया सेल अपनी महत्ती भूमिका निभाएगा। इन तीनों सेल के संयोजकों व सह संयोजकों की बैठक गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष रेवंत सिंह राजपुरोहित, प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह बनवासा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कैलाश चौधरी ने विकसित भारत में पशुपालन व कृषि के योगदान पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि भाजपा किसान मोर्चा का अंतिम लक्ष्य एक ही है-'समृद्ध किसान, विकसित किसान' की संकल्पना को धरातल पर साकार करना है। चौधरी ने कहा कि आज का युग बदलाव का युग है। आज केंद्र और राज्य की हमारी सरकारें प्राकृतिक खेती के माध्यम से आमजन और अन्नदाता का जीवन बदलने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से प्रयास कर रही हैं। इसी कड़ी में किसान मोर्चा आने वाले समय में प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए सही मार्गदर्शन, सही तकनीक के बारे में जागरूक करेगा। बदलते हुए इस आधुनिक दौर में हमें अपनी बात कहने के तरीकों को भी बदलना होगा, आज सोशल मीडिया और आईटी के माध्यम से जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। इसमें हमारी सरकारों की नीतियां, किसानों के हित की योजनाएं और मोर्चे के कार्य जन-जन तक पहुंचाएंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से हमें हर उस किसान से सीधे जुड़ना है जो गांव में बैठकर देश को सींच रहा है।

कैलाश चौधरी ने कहा कि हमारा एकमात्र लक्ष्य-किसान को आत्मनिर्भर बनाना और उसकी आय को दोगुना करना है। इसी संकल्प को गति देने के लिए भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान की आगामी कार्ययोजना और दूरदर्शी विजन को धरातल पर उतारा जाएगा। इसके तहत राजस्थान के हर जिले के एक गांव को कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर गाँव' के रूप में विकसित करेंगे। यह आत्मनिर्भर गाँव हमारे पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का एक बेजोड़ संगम होगा, जो पूरे जिले के किसानों के लिए प्रेरणा केंद्र बनेगा। इन गाँवों में हम किसानों को पूरी तरह से प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि कम लागत में उत्तम और स्वास्थ्यवर्धक फसल तैयार हो सके। चौधरी ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय को माता माना गया है और कृषि में उसका स्थान सर्वोपरि है। इन गाँवों में गौ-आधारित कृषि को पुनर्जीवित किया जाएगा। गोपालन के माध्यम से न सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व जैविक खाद तैयार कर खेती की लागत को शून्य पर लाने का प्रयास होगा।

कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान फसल तो उगा लेता है, लेकिन सही मूल्य न मिलने के कारण नुकसान उठाता है। इन आत्मनिर्भर गाँवों में हम वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) पर ध्यान केंद्रित करेंगे। स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाई जाएंगी, जिससे टमाटर से सॉस, सरसों से तेल और बाजरे से पौष्टिक उत्पाद बनाकर किसान सीधे बाजार में बेच सकें। उन्होंने कहा कि ये सभी मॉडल गाँव और विकास कार्य एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) और सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।

संगठन को सक्रिय रखने और किसानों के बीच पैठ मजबूत करने के लिए किसान मोर्चा आगामी 100 दिनों में एक व्यापक जन-जागरण और जन-कल्याण अभियान चलाने जा रहा है। इन 100 दिनों में मोर्चा के कार्यकर्ता राजस्थान के हर गाँव और ढाणी में जाकर किसान चौपाल लगाएंगे, जहाँ केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं (जैसे पीएम-किसान, फसल बीमा, सॉयल हेल्थ कार्ड) की जानकारी दी जाएगी। हर ब्लॉक स्तर पर विशेषज्ञों के माध्यम से प्राकृतिक खेती और गौ-आधारित कृषि के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे। मोर्चा के पदाधिकारी सीधे खेतों में जाकर अन्नदाताओं से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और प्रशासन के सहयोग से उनका तुरंत निस्तारण करवाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश