पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर भाजपा तैयार: कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

 


जयपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों का रास्ता साफ होने के साथ ही प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। अदालत के निर्देशों और ओबीसी आरक्षण से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद चुनावी माहौल बन गया है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार होने का दावा करते हुए कांग्रेस पर चुनाव टालने और राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने सोमवार को कहा कि पार्टी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव पूरी संगठनात्मक ताकत के साथ लड़ेगी तथा जिला परिषद, पंचायत समितियों और नगरीय निकायों में बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी चुनाव से भागने वाली पार्टी नहीं रही। चुनाव में हुई देरी का कारण केवल कानूनी पेचीदगियां और ओबीसी आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया रही। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और उससे संबंधित कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

दाधीच ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास झूठ के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से जिलों का पुनर्गठन कर पंचायती राज चुनाव कराए थे, लेकिन इसके बावजूद जिला परिषदों और पंचायत समितियों में भाजपा को अधिक बहुमत मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने पूरे कार्यकाल में चुनावी प्रक्रिया को लटकाने का काम किया, जबकि भाजपा शुरू से ही समय पर चुनाव कराने के पक्ष में रही और संगठन स्तर पर लगातार तैयारियां करती रही।

इधर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत और निकाय चुनाव केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें प्रदेश की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की संगठनात्मक क्षमता और जनाधार की परीक्षा के रूप में भी देखा जाएगा। भाजपा इसे सरकार की नीतियों पर जनसमर्थन और संगठन विस्तार का अवसर मान रही है, जबकि कांग्रेस स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है। ऐसे में अदालत के आदेश के बाद चुनावी बिगुल बजने से प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश