उदयपुर में भाजपा का बोर्ड तय, 53 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत

 


उदयपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने उदयपुर की सियासत में भाजपा का दबदबा तो कायम कर दिया, लेकिन साथ ही पार्टी के लिए कई सवाल भी छोड़ दिए हैं। 80 वार्डों वाले नगर निगम में भाजपा ने 53 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। कांग्रेस को 23 वार्डों में जीत मिली, जबकि तीन वार्ड निर्दलीयों और एक वार्ड पर सीपीआईएम प्रत्याशी ने कब्जा जमाया। आंकड़ों के लिहाज से भाजपा का बोर्ड बनना तय है, लेकिन वार्डवार नतीजों ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि स्थानीय राजनीति में पार्टी प्रत्याशी से ज्यादा उसकी व्यक्तिगत पकड़, बागी तेवर और जमीनी समीकरण भी निर्णायक साबित हो रहे हैं।

भाजपा ने भले ही 53 सीटों के साथ दो-तिहाई के करीब मजबूत स्थिति बना ली हो, लेकिन कुछ वार्डों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को बागियों और निर्दलीयों से मिली चुनौती ने संगठन के लिए चिंता की जमीन तैयार की है।

सबसे उल्लेखनीय परिणाम वार्ड-60 का रहा, जहां भाजपा की बागी और निर्दलीय प्रत्याशी खुशबू कमल मेहता ने जीत दर्ज कर पार्टी को बड़ा झटका दिया। इसी तरह वार्ड-11 में निर्दलीय कमलेश बोराणा और वार्ड-61 में इंदिरा डांगी की जीत ने भी यह दिखाया कि स्थानीय स्तर पर व्यक्तिगत जनाधार कई बार पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी और चुनावी संगठन पर भारी पड़ सकता है।

वार्ड-64 में भाजपा के अशोक कुमार नागदा विजयी रहे, लेकिन निर्दलीय दीपक व्यास ने दूसरे स्थान पर रहकर कड़ा मुकाबला पेश किया। वार्ड-10 में भाजपा के सतीश शर्मा ने जीत दर्ज की, जबकि बीएपी के साकिब खान ने दूसरे स्थान पर रहते हुए अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

कांग्रेस भले ही 23 सीटों तक पहुंची हो, लेकिन भाजपा के मुकाबले उसका प्रदर्शन काफी पीछे रहा। इसके बावजूद कुछ वार्डों में पार्टी ने प्रभावशाली जीत दर्ज की।

वार्ड-17 में पूनम कुंवर राठौड़ ने 1,200 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल कर कांग्रेस के लिए मजबूत परिणाम दिया। वहीं वार्ड-20 में कांग्रेस के साजिद खान ने पूरे चुनाव में सबसे बड़े अंतर वाली जीतों में से एक दर्ज करते हुए 2,790 वोटों से बाजी मारी।

सीपीआईएम ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए वार्ड-32 में राजेन्द्र वसीटा के रूप में जीत हासिल की।

उदयपुर के चुनावी मुकाबले की दिलचस्प तस्वीर जीत के अंतर में भी सामने आई। कुछ वार्डों में प्रत्याशियों की जीत महज कुछ दर्जन वोटों से हुई, जबकि कुछ जगहों पर विजेताओं ने हजारों वोटों की बढ़त हासिल की।

सबसे करीबी मुकाबला वार्ड-4 में रहा, जहां कांग्रेस की स्नेहलता टॉक ने महज 48 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इसके बाद वार्ड-5 में भाजपा के आकाश जैन (वागरेचा) 50 वोट से, वार्ड-18 में भाजपा के कुलदीप मेहता 59 वोट से, वार्ड-21 में कांग्रेस के राहुल माली 60 वोट से, वार्ड-3 में कांग्रेस के अरुण टाक 282 वोट से जीते। दूसरी ओर, कुछ वार्डों में जीत का अंतर बेहद बड़ा रहा। वार्ड-20 में कांग्रेस के साजिद खान ने 2,790 वोटों से जीत दर्ज की, जो सामने आए परिणामों में सबसे बड़े अंतर में शामिल है। इसके बाद वार्ड-19 में भाजपा के कुंदन चौहान 2,112 वोट से, वार्ड-35 में भाजपा की मिनल कन्थालिया — 1,829 वोट से, वार्ड-51 में भाजपा के प्रमोद सामर — 1,366 वोट से, वार्ड-36 में भाजपा की डिम्पल कुंवर 1,162 वोट से जीते।

उदयपुर नगर निगम में सत्ता का रास्ता भाजपा के लिए साफ हो गया है। 53 सीटों के साथ पार्टी को बोर्ड बनाने के लिए किसी बाहरी सहारे की जरूरत नहीं है। कांग्रेस 23 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी भूमिका में रहेगी, जबकि निर्दलीयों और सीपीआईएम की मौजूदगी सदन में सीमित लेकिन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता