मध्य-पूर्व तनाव के बीच दुबई में फंसे बीकानेर के छह युवक सुरक्षित लौटे

 


बीकानेर, 05 मार्च (हि.स.)। मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध जैसे हालातों के बीच दुबई में फंसे बीकानेर के छह युवक सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। युवाओं ने जो अनुभव साझा किए, उन्होंने परिजनों और शहरवासियों को झकझोर कर रख दिया। उनके अनुसार वे कई रातें ऐसी स्थिति में गुजारने को मजबूर हुए जब आसमान में मिसाइलें गुजरती नजर आती थीं और दूर-दूर तक धमाकों की आवाजें गूंजती रहती थीं।

युवाओं ने बताया कि हालात इतने भयावह हो गए थे कि रात में नींद आना मुश्किल हो गया था। कभी आंखों के सामने मिसाइलें गिरती दिखाई देती थीं तो कभी सिर के ऊपर से गुजरती नजर आती थीं। लगातार हो रहे धमाकों ने पूरे वातावरण को दहशत में बदल दिया था। इन युवाओं में रवि पुगलिया दुबई अपने गुरुजी से मिलने और घूमने के उद्देश्य से गए थे। अंशुल वहां चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत था, जबकि अन्य युवक अलग-अलग कंपनियों में नौकरी कर रहे थे। एक युवक राजा दुबई में ट्रेवल कंपनी संचालित करता था।

जैसे-जैसे क्षेत्र में तनाव बढ़ता गया, सभी ने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारत लौटने का निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में ईरान द्वारा बैलेस्टिक मिसाइलें दागे जाने और बढ़ते सैन्य तनाव के कारण दुबई एयर बेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। प्रशासन ने अगले आदेश तक एयरपोर्ट बंद रखने और लोगों को जहां हैं वहीं रहने के निर्देश जारी किए थे। हालात बिगड़ते देख युवाओं ने दुबई से निकलकर पहले ओमान का रुख किया और फिर मस्कट पहुंचे। वहां लंबा इंतजार और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें भारत के लिए उड़ान मिल सकी। कई घंटे की मशक्कत के बाद सभी युवक सुरक्षित बीकानेर पहुंच गए। घर लौटने पर परिवारों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया। हालांकि अब सभी युवक सुरक्षित हैं, लेकिन मिसाइलों और धमाकों के साये में बिताए वे खौफनाक पल उनके लिए जीवन भर की स्मृति बन गए हैं।

शहर में भी इन युवाओं की सुरक्षित वापसी को लेकर संतोष का माहौल है। परिवारों ने कहा कि संकट की घड़ी में सबसे बड़ा सुकून अपनों की सुरक्षित वापसी है, लेकिन युद्ध जैसे हालातों की दहशत वे शायद ही कभी भूल पाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजीव