कोटगेट और सांखला फाटक पर प्रस्तावित अंडरब्रिज योजना का व्यापारियों ने किया विरोध

 


बीकानेर, 28 मई (हि.स.)। बीकानेर व्यापार एसोसिएशन और जन संघर्ष समिति ने कोटगेट एवं सांखला फाटक रेलवे क्रॉसिंग की समस्या के समाधान के नाम पर प्रशासन द्वारा प्रस्तावित व्यवस्थाओं को अव्यावहारिक, घातक और जनविरोधी बताते हुए पूर्ण रूप से खारिज कर दिया है। संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित योजनाएं शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक जटिल बनाने के साथ आमजन के लिए खतरा पैदा करेंगी।

पत्रकार वार्ता में एडवोकेट आर. के. दास गुप्ता ने कहा कि कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग पर 16 मीटर चौड़ी सड़क में केवल चार मीटर चौड़ा और ढाई मीटर ऊंचा अंडरब्रिज प्रस्तावित किया गया है, जबकि बाकी 12 मीटर सड़क वर्तमान स्थिति में ही रहेगी। उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक को पूरी तरह हटाया नहीं जाएगा, बल्कि छोटे स्वरूप में जारी रखा जाएगा, जिससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान कोटगेट क्षेत्र का पूरा पानी सीधे अंडरब्रिज में जमा होगा। प्रशासन द्वारा पंप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए पांच घंटे में पानी निकासी का दावा किया जा रहा है, लेकिन यह व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि अंडरब्रिज के दोनों ओर चौराहे बनने से भारी ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाएगी।

दास गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित योजना में वापसी मार्ग की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है और पैदल यात्रियों के लिए भी कोई सुरक्षित रास्ता नहीं रखा गया है, जबकि इस क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक आवाजाही पैदल यात्रियों की होती है। उन्होंने कहा कि अग्निशमन वाहन, बड़ी एंबुलेंस और पुलिस की बड़ी गाड़ियों के लिए भी रास्ता बाधित हो जाएगा।

सांखला फाटक के प्रस्तावित बदलावों पर भी समिति ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सांखला फाटक को स्थायी रूप से दीवार बनाकर बंद करने का प्रस्ताव है, जिससे बीकानेर के मुख्य बाजार, स्टेशन रोड और के.ई. रोड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग प्रभावित होगा और दोनों बाजारों की कनेक्टिविटी टूट जाएगी।उ उन्होंने बताया कि सांखला फाटक से करीब 300 मीटर दूर कोयला गली और मटका गली के बीच पांच मीटर आने और पांच मीटर जाने वाला अंडरपास प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्तमान सड़क की चौड़ाई 14 मीटर है। उन्होंने कहा कि कोयला गली पहले से ही संकरी है और वहां एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू है, ऐसे में प्रस्तावित अंडरपास पूरे ट्रैफिक भार को संभालने में सक्षम नहीं होगा।

बीकानेर व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरपत सेठिया ने कहा कि वर्तमान में कोटगेट फाटक दिन में लगभग 60 बार बंद होता है, जिसमें 40 बार इंजन शंटिंग और 20 बार रेल आवागमन शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्थाएं केवल रेलवे की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, जिससे रेलवे को सालाना करीब दो करोड़ रुपये की बचत होगी, लेकिन इसका खामियाजा शहर की जनता को ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, ईंधन की बर्बादी और दुर्घटनाओं के रूप में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है और प्रशासन को किसी भी निर्णय से पहले न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने रेल फाटकों की समस्या का स्थायी समाधान रेल बाइपास को बताया।

पत्रकार वार्ता में श्याम तंवर, उमेश मेहंदीरेत्ता सहित अन्य पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव