पूर्व मंत्री डाॅ. बी.डी.कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला ने किया मेयर के लिये नामांकन
बीकानेर, 16 सितंबर (हि.स.)। बीकानेर नगर निगम के महापौर पद के लिए 21 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस ने वार्ड 73 से नवनिर्वाचित पार्षद अनिल कल्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है। अनिल कल्ला पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे हैं। वहीं प्रत्याशी चयन के साथ कांग्रेस में बगावत के सुर भी सामने आए हैं। वार्ड 50 से कांग्रेस पार्षद नवरतन डागा ने महापौर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है।
अनिल कल्ला ने बुधवार को कांग्रेस नेताओं और पार्षदों की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, नोखा विधायक सुशीला डूडी, कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग, पूर्व उपसभापति हारून राठौड़, कांग्रेस नेता अब्दुल मजीद खोखर, इकबाल समेजा, रवि पुरोहित, प्रस्तावक पार्षद नवल किशोर पुरोहित, पार्षद धर्मवीर नाहटा और ताहिर हुसैन सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।
महापौर पद के दावेदारों में शामिल रहे नवरतन डागा ने पार्टी की ओर से अनिल कल्ला का नाम तय होने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। डागा वार्ड 50 से पार्षद चुने गए हैं। हालांकि नामांकन के कुछ देर बाद उनकी पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला और बिशनाराम सियाग से मुलाकात हुई। इसके बाद डागा ने कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और पार्टी का आदेश उनके लिए सर्वोपरि है।
नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस के 42, भाजपा के 27 तथा निर्दलीय और अन्य के 11 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। महापौर पद के चुनाव में बहुमत के लिए 41 मत आवश्यक हैं। कांग्रेस के पास अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा है, लेकिन डागा के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में आने के बाद पार्टी के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती रहेगी।
महापौर चुनाव के लिए 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 18 सितंबर को दोपहर तीन बजे तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। इसी दिन यह स्पष्ट होगा कि नवरतन डागा चुनाव मैदान में बने रहते हैं अथवा पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद नामांकन वापस लेते हैं। मतदान 21 सितंबर को होगा।
पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड शत-प्रतिशत बनेगा। नवरतन डागा के निर्दलीय नामांकन पर उन्होंने कहा कि उन्हें मना लिया जाएगा और वह कांग्रेस के साथ आएंगे।
परिवारवाद के आरोपों पर कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी अनिल कल्ला ने कहा कि वह पिछले 33 वर्षों से पार्टी से जुड़े हैं और लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने 33 वर्ष बाद उन्हें यह अवसर दिया है। क्रॉस वोटिंग की आशंका के सवाल पर अनिल कल्ला ने कांग्रेस के सभी पार्षदों के एकजुट होने का दावा करते हुए कहा कि 21 सितंबर का परिणाम ही पार्टी की एकजुटता की तस्वीर स्पष्ट करेगा।
कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद अब निगाहें 18 सितंबर को नाम वापसी और 21 सितंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। नवरतन डागा के रुख से ही यह तय होगा कि कांग्रेस महापौर चुनाव में पूरी तरह एकजुट होकर उतरती है या मुकाबले में आंतरिक चुनौती भी बनी रहती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव