गौशाला और रेत के टीबों पर लहराएगी पताका, गौ सम्मान पूजन हुआ
बीकानेर, 23 जुलाई (हि.स.)। कानासर फांटा संत भावनाथ आश्रम स्थित गौ शाला में गौ सम्मान अभियान के तहत पताका पूजन के साथ 5 दिवसीय विशेष अनुष्ठान शुरू हुआ।
अनुष्ठान के संयोजक प्रहलाद ओझा 'भैरू' ने बताया कि 5 दिवसीय आयोजन में जिन 551 पताकाएं गौशाला में लहराई जाएगी। उन सभी पर कुकू केशर चंदन कपूर से स्वस्तिक, त्रिशूल, डमरू,अष्टदल बनाए जाने की शुरुवात की गई। इससे पहले श्री नवलेश्वर मठ के अधिष्ठाता योगी शिव सत्यनाथ महाराज के सानिध्य में ध्वजाओं का पूजन किया गया। पूजन में संत भावनाथ महाराज एवं बजरंग राजपुरोहित ने स्वस्तिवाचन एवं गणपति वंदना की। पताका पूजन के इस आयोजन में गणेश लखारा, भूरमल कुम्भार एवं केशरी सिंह ने भाग लिया। गुरुवार को गौ शाला क्षेत्र में सभी ध्वजाओं को लगाने की शुरुवात भी हाे गयी। इससे पहले नाम संकीर्तन एवं नाम जाप किया जाएगा। गौ शाला क्षेत्र में रेत के टीबों पर 21 फुट की 11 भगवा ध्वजाएं लहराई जाएगी।
पताका पूजन के अवसर पर नवलेश्वर मठ के अधिष्ठाता योगी शिव सत्यनाथ महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान कृष्ण ने स्वयं गौ सेवा की यानि भगवान ने भी गायों की सेवा और सम्मान को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि गौ सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं ।उन्होंने पताका लहराने के आयोजन को अनूठा बताया। संत भावनाथ महाराज ने गौ सम्मान अभियान में अधिक से अधिक लोगों को शामिल होने का आग्रह किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव