भीलवाड़ा में कांग्रेस के असंतोष के बीच डोटासरा के इस्तीफे की मांग

 


भीलवाड़ा, 19 सितंबर (हि.स.)। भीलवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में शनिवार को पार्टी के भीतर चल रहा असंतोष खुलकर सामने आया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य मनोज पालीवाल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष यज्ञ कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की और उनसे प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग की।

पालीवाल ने आरोप लगाया कि भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों को समय पर पार्टी का अधिकृत चुनाव चिन्ह नहीं मिल पाया। इस मामले को लेकर वे पहले भी प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर जांच की मांग कर चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में 17 प्रत्याशियों के अथॉरिटी लेटर समय पर नहीं पहुंचने का मामला सामने आया था। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा नगर निगम के महापौर चुनाव में भी कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। उनके अनुसार प्रदेश नेतृत्व की ओर से महापौर चुनाव के लिए पार्टी का सिंबल उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बताते हुए संगठनात्मक स्तर पर हुई चूक की जांच की मांग की।

भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा ने 45, निर्दलीयों ने 15 और कांग्रेस ने 10 सीटें जीती हैं। महापौर चुनाव के लिए भी कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी नहीं उतारा गया, जबकि भाजपा ने जसवंत कंवर और निर्दलीय संतोष कंवर ने नामांकन दाखिल किया था

पालीवाल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव के लिए मेहनत की, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर हुई चूक से उनका मनोबल प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं और संगठनात्मक व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया तो आगामी पंचायती राज चुनावों में भी कार्यकर्ताओं को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की परंपरा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की रही है। इसी कारण उन्होंने यज्ञ के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को कार्यकर्ताओं की पीड़ा समझने और डोटासरा को अपने विवेक से पद से इस्तीफा देने की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य किसी व्यक्ति का अपमान करना नहीं, बल्कि संगठन की समस्याओं की ओर नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करना है।

पालीवाल ने कहा कि पार्टी में सच बोलने की वजह से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाता है, तब भी वे कार्यकर्ताओं की आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में 17 प्रत्याशियों के सिंबल और बाद में महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नहीं उतार पाने के घटनाक्रम से कार्यकर्ताओं में निराशा है।

हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद