भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में अथॉरिटी लेटर को लेकर कांग्रेस में विवाद

 


भीलवाड़ा, 01 सितंबर (हि.स.)। भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह से संबंधित अथॉरिटी लेटर जारी करने को लेकर पार्टी के भीतर विवाद गहरा गया है। 70 वार्ड वाले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 53 प्रत्याशियों को ही अथॉरिटी लेटर मिलने और 17 प्रत्याशियों को लेटर नहीं मिलने का मामला अब पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व पार्षद मनोज पालीवाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पालीवाल ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है।

पालीवाल का आरोप है कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के सभी अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह से संबंधित आवश्यक अथॉरिटी लेटर उपलब्ध कराया जाना चाहिए था, लेकिन 70 में से केवल 53 प्रत्याशियों को ही लेटर दिए गए। शेष 17 प्रत्याशियों को लेटर नहीं मिलने से पार्टी में असंतोष की स्थिति बनी है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

मनोज पालीवाल को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखे जाने से भीलवाड़ा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। भीलवाड़ा कांग्रेस में पूर्व मंत्री रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच राजनीतिक खींचतान पहले भी सामने आती रही है।

कुछ दिन पहले जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस के वार रूम में भीलवाड़ा से जुड़े कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद सामने आने की बात कही गई थी। इस दौरान पूर्व मंत्री रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तथा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में तीखी बहस होने की चर्चा रही थी। कथित रूप से अपशब्दों के इस्तेमाल का मामला भी चर्चा में आया था।

अब नगर निगम चुनाव में अथॉरिटी लेटर को लेकर उठे विवाद ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को फिर गरमा दिया है। पालीवाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद