लवाजमे और भक्ति रस के साथ निकलेगी भरत मिलाप परिक्रमा
जयपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्रजी में भाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी गुरुवार को मंदिर की वार्षिक भरत मिलाप परिक्रमा निकाली जाएगी। मंदिर स्थापना के समय से चली आ रही इस परंपरा में भक्ति, गाजे-बाजे और लवाजमे के साथ राम-भरत मिलाप का दृश्य साकार होगा।
महंत नरेंद्र तिवारी ने बताया कि परिक्रमा में करीब 150 वर्ष पुराने लाल शीशम के रथ पर भरतजी और शत्रुघ्नजी के स्वरूप विराजेंगे। जयपुर राजघराने द्वारा बनवाए गए इस रथ को केवल सफेद बैलों की जोड़ी खींचती है। रथ को चांदी के सामान से सजाया जाएगा। आगे गजराज पंचरंगा ध्वज लेकर चलेगा।
परिक्रमा शाम करीब छह बजे मंदिर से रवाना होकर सांगानेरी हनुमानजी मंदिर पहुंचेगी, जहां रात आठ बजे श्रीराम और भरतजी के मिलाप का दृश्य साकार किया जाएगा। इसके बाद सभी स्वरूप राजसी वेश धारण कर लाव-लवाजमे के साथ मंदिर के लिए रवाना होंगे। मार्ग में आने वाले मंदिरों में परिक्रमा का स्वागत और आरती की जाएगी। यात्रा जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया और छोटी चौपड़ होते हुए गाजे-बाजे के साथ मंदिर परिसर पहुंचेगी। महंत ने बताया कि राम दरबार के सजीव स्वरूप दस वर्ष तक के बालक ही धारण करते हैं। रथ में केवल सफेद बैलों को ही जोता जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश