ओबीसी सर्वे में जोधपुर 17वें नंबर पर, बाड़मेर टॉप पर

 


जोधपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। निकाय और पंचायत चुनावों की घोषणा से पहले प्रदेश में ओबीसी सर्वे किया जा रहा है। गत दस जुलाई को ये सर्वे शुरू हो चुका था। अब तक हुए सर्वे की रिपोर्ट भी सामने आई है।

इस रिपोर्ट के अनुसार जोधपुर जिला प्रदेश में 17वें नंबर पर है। जबकि संभाग के ही जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जिला जोधपुर जिले से आगे है। इस रिपोर्ट के अनुसार बाड़मेर प्रदेश में सबसे टॉप पर है। जोधपुर जिले की बात की जाए तो यहां अब तक इस सर्वे में 73.12 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जबकि बाड़मेर 100.36 प्रतिशत के साथ प्रदेश में टॉप पर है। सर्वे की आखिरी तारीख 26 जुलाई है, ऐसे में 100 प्रतिशत काम इन तीन दिनों में पूरा करना ही होगा।

रिपोर्ट के अनुसार जोधपुर जिले में 3 लाख 58 हजार 427 लोगों को ओबीसी सर्वे में शामिल किया जाना है। इनमें से ग्रामीण इलाके में 1 लाख 97 हजार 875 का सर्वे हो चुका है। शहरी कैटेगिरी में 64 हजार 193 का सर्वे हो चुका है। अब तक कुल 2 लाख 62 हजार 68 लोगों को सर्वे किया जा चुका है। जबकि संभाग में सबसे पीछे जालोर, सिरोही और पाली जिले है। इन तीन जिलों में सबसे कम सर्वे पाली में 64.69 प्रतिशत ही हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में अब तक 75,97,312 ओबीसी परिवारों में से 53,07,801 परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है। इनमें से 43,45,888 परिवार ग्रामीण और 9,61,913 परिवार ग्रामीण क्षेत्र के है। यानी 69.86 प्रतिशत सर्वे पूरा कर दिया गया है। अब बाकी दिनों में सर्वे का काम 100 प्रतिशत पूरा करना होगा।

राजसाथी मोबाइल ऐप के जरिए सर्वे

ये सर्वे राजसाथी मोबाइल ऐप के जरिए किया जा रहा है। इसके पीछे मकसद ये है कि सर्वे पारदर्शी और त्रुटिरहित होगी। जिलों में जिला प्रशासन के निर्देशन में बूथ लेवल अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी और शिक्षकों को प्रगणक बनाकर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। टीमें जनआधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों के आधार पर घर-घर जाकर जानकारी जुटा कर ये सर्वे कर रही हैं। फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारी अपलोड किए गए डेटा की रैंडम जांच भी कर रहे हैं। सर्वे के दौरान परिवार के सभी सदस्यों का नाम, आयु, स्थायी पता, ओबीसी जाति या उपजाति, आय का स्रोत आदि दर्ज किया जा रहा है। परिवार का कोई सदस्य पंच, सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक या सांसद जैसे निर्वाचित पद पर रहा है या नहीं। पहली बार प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर तकनीक आधारित ओबीसी सर्वे कराया जा रहा है, जिससे राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े निर्णय अधिक तथ्यात्मक आधार पर लिए जा सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश