धारा 163 लागू होने पर विधानसभा और सचिवालय क्षेत्र में प्रदर्शनों पर लगी पाबंदी

 




जयपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी के वीआईपी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोक शांति भंग होने की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जयपुर (दक्षिण) क्षेत्र के महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और उनके आस-पास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू कर दी गई है। यह आदेश आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ललित किशोर शर्मा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार स्टेच्यू सर्किल से जनपथ और विधानसभा भवन के चारों ओर का क्षेत्र, सचिवालय के चारों ओर, अशोक नगर थाने से तिलक मार्ग, वानिकी पथ और सहदेव मार्ग तक और

रेलवे क्रॉसिंग से राजभवन सर्किल और राम मंदिर सर्किल से हवा सड़क (रामनगर चौराहा) तक का क्षेत्र में किसी भी प्रकार के धरने, प्रदर्शन और जुलूस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

पुलिस प्रशासन को सूचना मिली थी कि विभिन्न राजनीतिक दलों, कर्मचारी संगठनों और छात्र संगठनों द्वारा आगामी दिनों में इन क्षेत्रों में बड़े प्रदर्शन और रैलियां प्रस्तावित हैं। उत्तेजनात्मक नारों और भाषणों से शांति व्यवस्था बिगड़ने और आम नागरिकों के जानमाल को खतरा होने की संभावना के मद्देनजर यह निवारक कार्रवाई की गई है।

यह प्रतिबंधात्मक आदेश 13 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, जो 11 जून 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, हथियार प्रदर्शन करने या बिना अनुमति सभा करने पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, यह आदेश राजकीय ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन इन आदेशों की अवहेलना करता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। आदेश की सूचना सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने के साथ-साथ लाउडस्पीकर के माध्यम से भी प्रसारित की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश