जयपुर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर भक्तों पर बरसेगी 'गुरु की दया और दुआ'

 


जयपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। जयगुरुदेव नाम के माध्यम से लोगों के कष्ट दूर करने वाले पूज्य संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बाबा उमाकांत महाराज के पावन सानिध्य में सोमवार से भव्य 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' का शुभारंभ हो गया। यह तीन दिवसीय महोत्सव आगामी 29 जुलाई तक अजमेर रोड स्थित ठिकरिया (टोल टैक्स से पहले) जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित किया जा रहा है।

आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संपूर्ण राजस्थान संगत के सेवादार पिछले एक महीने से तन, मन और धन से व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए न केवल भारत के कोने-कोने से बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालुओं के जयपुर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।

श्रद्धालुओं को बारिश व मौसम से बचाने और महाराज जी के विचार सहजता से सुनाने के लिए विशाल वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया है। इसके अलावा व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था, पूछताछ केंद्र, सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए समर्पित सेवादारों की विशेष टीमें गठित की गई हैं। विभिन्न राज्यों और प्रांतों से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए अलग-अलग सेक्टर बनाए गए हैं।

आश्रम प्रबंधन के अनुसार, गुरु पूर्णिमा पर्व के उपलक्ष्य में धार्मिक अनुष्ठान निम्नलिखित समय पर आयोजित किए जाएंगे। जिसमें 28 जुलाई को प्रातः 5 बजे एवं सायं 5 बजे सत्संग, नामदान, पूजन एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा। जिसके पश्चात 29 जुलाई को मुख्य दिवस प्रातः 5 बजे से विशेष सत्संग, नामदान, गुरु पूजन व भंडारे का आयोजन होगा।

समारोह के अवसर पर अपने आध्यात्मिक संदेश में बाबा उमाकांत जी महाराज ने कहा कि इस गुरु पूर्णिमा महोत्सव में भक्तों को गुरु की दया, दुआ और अमृतमयी प्रसाद की प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि गुरु कृपा से जीवात्मा की आध्यात्मिक आंख, कान और नाक खुलते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को गहन से गहन आध्यात्मिक विषयों का ज्ञान, भेद और रहस्य समझाया जाएगा। यह पर्व अपने जीवन की भूलों की क्षमा मांगने का सबसे उत्तम अवसर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश