आयुर्वेद विश्वविद्यालय आमजन को अस्थमा बीमारी के प्रति किया जागरूक

 


जोधपुर, 05 मई (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविन्द सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन मे संघटक महाविद्यालय यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी जोधपुर के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया।

होम्योपैथी के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. गौरव नागर ने बताया होम्योपैथी चिकित्सक प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमावत एवं डॉ. राकेश कुमार मीना एवं चतुर्थ वर्ष छात्रा कंचन मीणा, मुस्कान खान, निकिता सोनी एवं दिशा कंवर, कशिश, रेखा यादव के द्वारा मण्डोर गार्डन में विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर लगभग 176 लोगों लाभान्वित किया गया। लोगो को सम्बोधित करते हुए डॉ. राजेश कुमावत एवं डॉ. राकेश कुमार मीना ने बताया कि विश्व अस्थमा दिवस प्रतिवर्ष मई माह के पहले मंगलवार को मनाया जाता है, इसका आयोजन ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा द्वारा किया जाता है ताकि दुनिया भर में अस्थमा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके एवं 2026 की थीम अस्थमा से पीडि़त सभी लोगों के लिए सूजनरोधी इनहेलर की उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि देश में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्थमा के प्रमुख कारणों में धूल, धुआं और हानिकारक कण सांस की बीमारियों को बढ़ा रहे हैं, ठंडा और गर्म दोनों तरह के मौसम अस्थमा के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।

अस्थमा के लक्षणों में सांस फूलना, घबराहट, छाती में जकडऩ और खांसी है। बचाव के लिए बाहर निकलते समय मास्क पहने धूल-धुंए से दूर रहे, अस्थमा के मरीज को विटामिन सी, विटामिन ई, और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल खाने चाहिए जो फेफड़ों की सूजन कम करने में सहायक होते हैं। अस्थमा के मरीजों को सेब, संतरा पपीता, अंगूर, अनार खाने चाहिए एवं साथ ही हरी सब्जियों में पालक और अदरक भी लेना चाहिए जो की फेफड़ों के लिए बहुत अच्छे होते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश