आयुर्वेद और तकनीकी शिक्षा का संगम : आयुर्वेद विश्वविद्यालय एवं बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू
जोधपुर, 27 मार्च (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय एवं बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के बीच शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता आयुर्वेद, तकनीकी शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
समझौते पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल व बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी तथा बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रोफेसर अखिल रंजन गर्ग ने हस्ताक्षर किए।
कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि यह समझौता आयुर्वेद और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के बीच सहयोग को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में स्वास्थ्य विज्ञान और तकनीकी नवाचार का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इस साझेदारी से दोनों विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों को संयुक्त अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय देश और दुनिया में आयुष शिक्षा और शोध को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है, और तकनीकी संस्थानों के साथ सहयोग से नवाचार और स्टार्टअप के नए अवसर भी विकसित होंगे।
वहीं बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रोफेसर अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि यह एमओयू दोनों संस्थानों के लिए अकादमिक और शोध सहयोग का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इससे तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों को आयुर्वेद और स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
समझौते के तहत दोनों संस्थान शिक्षण और शोध से संबंधित जानकारी का आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान अध्ययन, पाठ्यक्रम विकास, अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम, फैकल्टी एवं विद्यार्थियों का आदान-प्रदान, तथा शैक्षणिक संसाधनों का साझा उपयोग करेंगे। यह एमओयू प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे दोनों संस्थानों की सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। इस अवसर पर डॉ. गणेश प्रजापत, डॉ. रितु राज सोनी, डॉ. राणुलाल चौहान, प्रोफेसर चंदन सिंह, प्रोफेसर महेंद्र कुमार शर्मा, प्रो. नीलिमा रेड्डी, प्रो. दिनेश चंद शर्मा तथा डॉ. मनीषा गोयल सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश