मलमास समाप्ति के साथ लौटेगी रौनक: 19 अप्रैल से शुरू होंगे विवाह मुहूर्त
जयपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश में पिछले एक महीने से मांगलिक कार्यों पर लगा विराम अब समाप्त होने जा रहा है। 14 अप्रैल (मंगलवार) को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही मलमास (खरमास) खत्म हो जाएगा और शुभ कार्यों की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त होगा।
ज्योतिषाचार्य रिषांक शर्मा के अनुसार सूर्य के मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते ही मलमास समाप्त हो जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार जब सूर्य बृहस्पति की राशि मीन में रहता है, तब मलमास माना जाता है और इस दौरान विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल से गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, सगाई (टीका), नए व्यापार की शुरुआत और वाहन व संपत्ति खरीद जैसे शुभ कार्य पुनः शुरू हो सकेंगे। हालांकि विवाह जैसे बड़े मांगलिक आयोजनों के लिए लोगों को कुछ दिन और इंतजार करना होगा।
पंचांग के अनुसार विवाह के शुभ मुहूर्त 19 अप्रैल से प्रारंभ होंगे। इस दिन अक्षय तृतीया (आखा तीज) का अबूझ सावा होने के कारण बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 20, 21, 25, 26, 27, 29 और 30 अप्रैल को भी शादियों के लिए शुभ मुहूर्त रहेंगे।
मलमास के कारण ठहरे वेडिंग और आयोजन से जुड़े कारोबार में अब तेजी आने की उम्मीद है। 14 अप्रैल से बाजारों में शॉपिंग और बुकिंग का दौर शुरू होगा, जबकि 19 अप्रैल से विवाह सीजन जोर पकड़ेगा।
अनुमान है कि जयपुर जिले में अप्रैल के अंतिम पखवाड़े में करीब 50 हजार शादियां होंगी। इससे कैटरिंग, डेकोरेशन, बैंड-बाजा, गार्डन और होटल व्यवसाय को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश