पंद्रह अगस्त को निकलेगी तीज माता की शाही सवारी: 175 लोक कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
जयपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। राजधानी में तीज माता की शाही सवारी इस बार 15 अगस्त को परंपरा, आस्था, लोक संस्कृति, शौर्य और आधुनिक तकनीक के संगम के रूप में निकाली जाएगी। सिटी पैलेस से निकलकर त्रिपोलिया गेट पहुंचने के बाद शाम 5:30 बजे शाही सवारी रवाना होगी। त्रिपोलिया गेट, छोटी चौपड़, गणगौरी बाजार होते हुए सवारी तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क पहुंचेगी, जहां कार्यक्रम के बाद वापस सिटी पैलेस लौटेगी।
पर्यटन विभाग की ओर से सवारी के सीधे प्रसारण के लिए शहर में 13 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। इनमें अजमेरी गेट, न्यू गेट, सरावगी मेंशन, मोती डूंगरी, त्रिमूर्ति सर्किल, रामबाग सर्किल, एसएमएस स्टेडियम, महाराजा कॉलेज, बिड़ला मंदिर, राजस्थान विश्वविद्यालय, राजस्थान कॉलेज, ओटीएस चौराहा और जवाहर सर्किल गेट शामिल हैं। इससे त्रिपोलिया गेट तक नहीं पहुंच पाने वाले शहरवासी और पर्यटक भी शाही सवारी के लाइव दर्शन कर सकेंगे।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 175 लोक कलाकार शाही लवाजमे का हिस्सा बनेंगे। सवारी में कच्ची घोड़ी, गैर, कालबेलिया, चरी-घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली और बहुरूपिया जैसी लोक कलाओं की प्रस्तुतियां होंगी। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्य और नृत्य सवारी को राजस्थानी संस्कृति की जीवंत झांकी का रूप देंगे।
इस बार सवारी में आधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए ड्रोन से पुष्पवर्षा भी कराई जाएगी। वहीं शौर्य सेवा संगठन की बालिकाएं तलवारबाजी का प्रदर्शन कर महिला सशक्तीकरण और शौर्य का संदेश देंगी। शाही लवाजमे में घोड़ों और ऊंटों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
छोटी चौपड़ सवारी का प्रमुख सांस्कृतिक पड़ाव होगा। यहां तीज माता की महाआरती के साथ जेल बैंड और आरएसी बैंड की प्रस्तुतियां होंगी। जयपुर व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों की ओर से तीज माता पर पुष्पवर्षा की जाएगी। तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क में कला मेले का आयोजन होगा, जहां लोक कलाकार राजस्थान की कला एवं संस्कृति के विभिन्न रंग प्रस्तुत करेंगे।
शाही सवारी देखने आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विदेशी पर्यटकों के बैठने के लिए हिंद होटल के टैरेस और होटल के नीचे बरामदों के पास व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक महल-अटारियों, झरोखों और द्वारों से तीज माता की जय-जयकार के बीच शाही सवारी का भव्य स्वागत होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश