निकाय चुनाव में कांग्रेस की बेहतर तैयारी होती तो अधिक सीटें जीतते : गहलोत

 




जयपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि निकाय चुनाव में कांग्रेस की ओर से भी रोड शो और बेहतर चुनावी रणनीति बनाई जाती तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी नेता एक साथ मैदान में उतरते तो पार्टी अधिक सीटें जीत सकती थी। गहलोत ने गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में यह बात कही।

गहलोत ने कहा कि सरकार के प्रति नाराजगी के बावजूद निर्दलीय प्रत्याशियों को कांग्रेस से अधिक वोट मिलना पार्टी के लिए विचार का विषय है। उन्होंने कहा कि यह विश्लेषण करना होगा कि नाराजगी के बावजूद ये वोट कांग्रेस के पक्ष में क्यों नहीं आए। कांग्रेस संगठन इस पर बैठकर मंथन करेगा, तभी सही स्थिति का आकलन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ‘संगठन सृजन’ कार्यक्रम चलाया था और संगठन का ढांचा तैयार किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में निर्दलीयों का जीतना सवाल खड़े करता है। गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रति नाराजगी दिखाई दे रही थी, लेकिन कांग्रेस उसका अपेक्षित लाभ नहीं उठा सकी।

मेयर और सभापति चुनाव को लेकर गहलोत ने आरोप लगाया कि पार्षदों को धनबल के जरिए प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए समान अवसर का माहौल जरूरी है। गहलोत ने आरोप लगाया कि यदि करोड़ों रुपये खर्च कर कोई मेयर या सभापति बनता है तो बाद में वह खर्च की भरपाई करने की कोशिश करेगा, जिसका असर आम जनता पर पड़ेगा। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गहलोत ने कहा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, परिसीमन और भाजपा के व्यापक चुनाव प्रचार के बावजूद भाजपा को सभी वार्डों में बहुमत नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि कुल 10,244 वार्डों में भाजपा 6,065 वार्डों में चुनाव हार गई। हालांकि, उपलब्ध अंतिम आंकड़ों के अनुसार भाजपा ने 4,179 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस ने 3,613 और निर्दलीयों ने 2,273 वार्डों में जीत दर्ज की।

गहलोत ने यह भी कहा कि 309 निकायों में बड़ी संख्या में ऐसे निकाय हैं, जहां किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इन चुनाव परिणामों का आकलन केवल जीते हुए वार्डों की संख्या से नहीं, बल्कि कुल वोट और निकायवार स्थिति के आधार पर भी किया जाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने परिसीमन और पुलिस-प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कांग्रेस के खिलाफ किया गया। साथ ही कहा कि कांग्रेस को अपने चुनावी प्रदर्शन और संगठन की कमियों का विश्लेषण करना होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारीक